बीते छह दिनों से हो रही रुक-रुक हुई बारिश से किसानों ने बहुत राहत की सांस ली है। लंबे समय से वर्षा न होने के कारण किसानों की फसलें सूखने की कगार में पहुंच गई थी। हालांकि सूखे ने गेहूं की फसल को पूरी तरह चौपट कर दिया है। अलबत्ता इस बीच हुई वर्षा से किसानों की आलू की फसल में जान आ गई है।
वर्षा के चलते खेतों में पर्याप्त नमी होने से किसान खेतीबाड़ी में जुट गए हैं। सहायक विकास अधिकारी उद्यान भूपेंद्र प्रकाश जोशी के अनुसार यह वर्षा किसानों के लिए वरदान साबित हुई है। इस वर्षा से खेती के अलावा बागवानी को भी काफी लाभ होगा। खेतों में पर्याप्त नमी होने से आलू सहित अन्य बीज जो नही जमा था वह जमना शुरू हो जाएगा, पौधों की ग्रोथ अच्छी होगी। फलो में जो बीमारियां हो रही थी उससे निजात मिलगी तथा कीटों के प्रभाव से मुक्ति मिलेगी।
छह दिनों में रिकार्ड की गई 21 एमएम वर्षा
लोहाघाट। चार मई को दो एमएम, पांच मई को पांच एमएम, छह मई को शून्य, सात मई को एक एमएम, आठ मई को 12 एमएम तथा नौ मई को एक एमएम वर्षा रिकार्ड की गई। कुल मिलाकर बीते छह दिनों में 21 एमएम वर्षा रिकार्ड की गई। इस वर्षा से सूखने की कगार में पहुंची खेती को अमृत प्राप्त हुआ है।