जिले में पिछले 24 घंटे से लगातार बरसात होने के कारण चंपावत टनकपुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर जगह जगह मलबे के ढेर लग गए हैं। इस मार्ग पर धौन, बनलेख, स्वांला और अमोड़ी के समीप लगातार गिर रहे मलबे ने वाहनों के चक्के जाम कर दिए हैं। सभी जगहों पर वाहनों की लंबी लाइनें लगी हुई हैं।
आपदा प्रबंधन प्रकोष्ठ और विभिन्न कार्यदायी संस्थाओं की ओर से मलबे को हटाने का कार्य युद्धस्तर पर किया जा रहा है। लेकिन लगातार हो रही बरसात से राहत कार्यों में खलल पड़ रहा है। राष्ट्रीय राजमार्ग पर फंसे वाहनों के यात्रियों को खाने पीने का सामान लेने के लिए काफी पापड़ बेलने पड़े। कुछ वाहन तो ऐसी जगह फंस गए जहां दूर दूर तक कोई दुकान अथवा मकान नहीं था। भारी बरसात के कारण विभिन्न स्थानों पर नदी नाले उफान पर आ गए हैं।
बृहस्पतिवार को सुबह आठ बजे तक शारदा बैराज में 61472 क्यूसेक का डिस्चार्ज तथा वाटर लेबल 219.85 मीटर दर्ज किया गया। मौसम विभाग देहरादून की ओर से कुमाऊं मंडल में कहीं-कहीं पर अगले 24 घंटों में फिर से भारी बारिश होने का पूर्वानुमान बताया गया है। मौसम विभाग की चेतावनी के बाद प्रभारी जिलाधिकारी हेमंत कुमार वर्मा ने लोगों से यात्रा में सावधानी बरतने और खतरे वाले स्थानों में न जाने को कहा है।
चंपावत जिले में बंद सड़कों का विवरण
चंपावत। भारी बारिश के कारण जिले की 33 सड़कें मलबा आने से बंद हो गई हैं। जिनमें तिमलागूँठ-पीपलढींग, कजीना-पुनौली, गल्लागाव-देवलमाफी, तड़ीगांव-इंद्रपुरी, बाराकोट-खोलासुनार, कामाज्यूला-भनार, पनिया-रीठाखाल, बटीगांव-सिमलखेत, टाकखंदक-करौली, पुनाबे-सिप्टी, धौन-दियूरी, सिप्टी-सिमाड़, सिप्टी-न्याड़ी, धूनाघाट-भिंगराड़ा, गौड़ी-किमतोली, मंच-तामली, धौन-सल्ली, मंच-नीड़, डुंगराबोरा-कायल-मटियानी, बगोटी-डुंगरालेटी, खटोली मल्ली, हरम-रमैला, चौमेल-वल्सों, मडलक पाडेय-सिलपड़ तथा अमोड़ी-छतकोट, बाराकोट-सिमलखेत, तिमलागूँठ-सिल्यूडीगूंठ, बाराकोट-सिमलखेत-पडासूशेरा, वालिक-गागर, कुल्यालगांव-साल, रीठा-रमक तथा लोहाघाट-वालिक सड़कें शामिल हैं।
कहां कितनी हुई बारिश
चंपावत में 56 एमएम,
लोहाघाट में 12 एमएम,
पाटी में 9 एमएम,
बनबसा में 64 एमएम,
सीमांत के गांव जिला मुख्यालय से कटे
चंपावत। लगातार बारिश ने नेपाल सीमा से लगे कई भारतीय गांवों का जिला मुख्यालय से सड़क संपर्क कट गया है। नेपाल सीमा से लगे गांवों को जोड़ने वाले चंपावत-मंच-तामली (सीएमटी) मोटर मार्ग कई जगह बंद हो गया है। इसके चलते नेपाल से लगे तल्लादेश के कई गांव अलग-थलग पड़ गए हैं।
52 किमी लंबे सीएमटी मोटर मार्ग पर कई जगह सड़क खतरनाक बनी हुई है। लगातार पत्थर व मलबा आने का अंदेशा बना है। तीन स्थान पर सड़क बंद है। इसके चलते मंच, तामली सहित कई गांवों का जिला मुख्यालय से सड़क संपर्क कटा है। सामाजिक कार्यकर्ता शेर सिंह महर सहित अन्य गांव के लोगों का कहना है कि अभी इन ग्रामीण इलाकों में खाद्यान्न संकट तो नहीं है, लेकिन लोग यहां से दूसरे कामों के लिए चंपावत नहीं पहुंच सके। लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता डीडी भट्ट का कहना है कि मार्ग खोलने के लिए जेसीबी भेजे गए हैं। भिंगराड़ा-खरही मोटर मार्ग में भारी मात्रा में मलबा आने से आवाजाही ठप हो गई है।
रीठा जा रहे सिख तीर्थयात्री घंटों फंसे
रीठा साहिब (चंपावत)। रीठा साहिब गुरुद्वारे में मत्था टेकने आए दूरदराज के तीर्थ यात्री मोटर मार्ग बाधित होने से तीन घंटे से अधिक समय तक फंसे रहे। धूनाघाट-रीठा साहिब मोटर मार्ग बृहस्पतिवार को सुबह कई जगह बंद हो गई। जानकारी मिलने पर गुरुद्वारे के प्रबंधक बाबा श्याम सिंह कुछ स्वयंसेवकों को साथ लेकर मौके पर पहुंचे। घंटों की मशक्कत के बाद इस टीम ने मार्ग में आए भारी पत्थरों को हटा कर तीर्थयात्रियों को गुरुद्वारे लाए। दूसरी तरफ लधिया घाटी के अधिकांश मोटर मार्ग बंद हैं। इससे लोगों की आवाजाही प्रभावित हो रही है। लधिया और रतिया नदी में उफान आया हुआ है।