वर्ष प्रतिपदा 2075 और चैत्र नवरात्र के पहले दिन रविवार को देवालयों में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने मत्था टेका। चंपावत के गोलज्यू मंदिर में महंत गणेश नाथ, मां हिंगला देवी के पुजारी चंद्रशेखर पांडेय, हरीश पांडेय आदि ने भक्तों को आशीर्वाद दिया। इसके अलावा बालेश्वर, नागनाथ, डिक्टेश्वर, घटकेश्वर, मल्लाडेश्वर में भी श्रद्धालुओं ने पूजा-अर्चना की।
श्रद्धालुओं ने पंचेश्वर और रामेश्वर धाम में पर्व स्नान करने के बाद मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना की। लोहाघाट के प्रसिद्ध ऋषेश्वर महादेव मंदिर में सुबह से ही श्रद्धालुओं के आने का क्रम शुरू हुआ। देवीधार के मां भगवती मंदिर, खूना के पूर्णागिरि मंदिर, झूमाधुरी, सुंई के भगवती मंदिर, बाराकोट के लड़ीधुरा मंदिर, वरदायनी, चौखाम बाबा, फटकशिला मंदिर, शीला देवी मंदिर, पाताल रूद्रेश्वर मंदिरों में दिनभर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ रही। देवीधुरा के मां बाराही धाम में प्रथम दिन बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने मां बाराही का आशीर्वाद प्राप्त किया।