प्रशिक्षु शिक्षामित्रों को मौलिक नियुक्ति दिए जाने की मांग को लेकर क्रांतिकारी शिक्षामित्र महासंघ ने आवाज बुलंद की है। संगठन के नेता ललित मोहन जोशी ने कहा कि 15 साल से शिक्षामित्र के जरिए प्राथमिक शिक्षा व्यवस्था को पटरी पर लाने में मददगार शिक्षामित्रों की लगातार अनदेखी हो रही है। कई शिक्षामित्र अब भी 13 हजार रुपये मासिक मानदेय पर काम करने को मजबूर हैं।
यहां हुई बैठक में संगठन ने कहा कि शिक्षामित्रों को स्थायी करने के लिए दो वर्ष का डिप्लोमा इन एलिमेंटरी (डीएलएड) प्रशिक्षण कराना है, लेकिन इस प्रशिक्षण के लिए विधिक प्रक्रिया शुरू नहीं की जा सकी है। महासंघ ने प्रशिक्षण की संवैधानिक प्रक्रिया पूर्ण कर ट्रेनिंग कार्यशाला कराने और प्रशिक्षु शिक्षामित्रों को शिक्षक के पद पर मौलिक नियुक्ति देने की मांग की है। बैठक में विद्याधर जोशी, डूंगर सिंह, केशव दत्त जोशी, मदन सिंह, राजेंद्र प्रसाद भट्ट, दिनेश राम, जीवन भट्ट आदि शामिल थे।
समायोजित शिक्षकों को मिले प्रोन्नत वेतनमान
बेसिक से एलटी संवर्ग में समायोजित शिक्षकों को चयन और प्रोन्नत वेतनमान देने की मांग की है। कहा कि इस वर्ग के समायोजित शिक्षकों की सेवा अवधि को उनकी बेसिक संवर्ग की सेवाओं में जोड़ा जाए। इस संबंध में शिक्षकों ने मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा है। ज्ञापन में दुर्गेश जोशी, सुंदरनाथ, इंद्र लाल वर्मा, गौरीशंकर जोशी, कमलेश जोशी, मुकेश वर्मा, प्रदीप बोरा, किशन सिंह बोहरा, रुद्र सिंह बोहरा आदि के हस्ताक्षर हैं।