चंपावत। टनकपुर-पिथौरागढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग स्थित अमोड़ी में पीएचसी (प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र) भवन की राह प्रशस्त हो गई है। स्वास्थ्य विभाग ने भवन का आगणन मंजूरी के लिए निदेशालय भेजा है। इस बाधा को दूर करने में पौने दो साल लग गए।
25 से अधिक गांव का अमोड़ी एनएच पर सबसे अधिक आबादी वाला ग्रामीण क्षेत्र है। सात हजार से अधिक आबादी और बड़े ग्रामीण क्षेत्र के बावजूद स्वास्थ्य सुविधाएं नहीं होने से लोग परेशान हैं। यहां के लोग इलाज के लिए या तो 29 किमी दूर चंपावत अथवा 46 किमी दूर टनकपुर दौड़ लगाते हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पिछले साल 21 अप्रैल को अमोड़ी में पीएचसी की घोषणा की थी और अब इस अस्पताल के लिए भूमि चयन के अनुमोदन के बाद भवन निर्माण के बजट की मांग की गई है।
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आपात और आकस्मिक सेवाओं के लिए ही नहीं, अस्पताल न होने से सामान्य वक्त में भी बच्चों और महिलाओं को दिक्कत होती है। 29 किमी दूर चंपावत जाना मजबूरी है। - रमेश भट्ट, बीडीसी सदस्य।
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एनएच पर सबसे अधिक आबादी वाले अमोड़ी क्षेत्र में स्वास्थ्य सुविधा नहीं होना जानलेवा होता रहा है। अमोड़ी में जल्द से जल्द भवन का निर्माण कर अस्पताल शुरू किया जाना चाहिए। - दीपक सिंह बोहरा, अमोड़ी।
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अमोड़ी के राजकीय प्राथमिक अस्पताल के लिए आठ नाली जमीन स्वास्थ्य विभाग के नाम हस्तांतरित हो गई है। मंडी परिषद भवन का निर्माण कराएगी। निर्माण के लिए 2.18 करोड़ रुपये का आगणन स्वास्थ्य महानिदेशालय को भेज दिया गया है।
डॉ. केके अग्रवाल, सीएमओ, चंपावत।