चंपावत। कोरोना काल में मार्च से अब तक भले ही स्कूल नहीं खुले हैं, लेकिन इस दौर में एक स्कूल कम हो गया है। विद्यार्थियों की संख्या शून्य होने से चंपावत ब्लॉक का एक राजकीय प्राथमिक स्कूल बंद हो गया है। कोरोना काल के बाद विद्यालय खुलने पर अब इस स्कूल के ताले नहीं खुलेंगे।
चंपावत ब्लाक का लड़ाबोरा राजकीय प्राथमिक स्कूल अब संचालित नहीं होगा। खंड शिक्षाधिकारी अंशुल बिष्ट ने बताया कि यहां विद्यार्थियों की संख्या शून्य होने से यह स्कूल बंद हो गया है। कोरोना काल में जब अन्य तमाम स्कूल खोले जाएंगे, तब भी इस स्कूल पर ताला लटका रहेगा। ग्राम पंचायत से विद्यार्थियों के शून्य होने की जानकारी मिलने के बाद विभागीय जांच की गई। इसके बाद ये निर्णय लिया गया। लड़ाबोरा स्कूल के स्टाफ को अन्यत्र संबद्ध किया जाएगा। इसी के साथ अब जिले में प्राथमिक स्कूलों की संख्या घटकर 482 हो जाएगी। इसके अलावा 92 राजकीय जूनियर हाईस्कूल हैं। बीते एक दशक में 33 प्राथमिक व जूनियर हाईस्कूल बंद हो चुके हैं।
प्रवासियों के आने से फिर खुलेगा ग्यूनाड़ा प्राइमरी स्कूल
लड़ाबोरा स्कूल के उलट दो साल पूर्व बंद हुआ एक प्राइमरी स्कूल फिर से खुलेगा। बंद हो चुके इस राजकीय प्राथमिक स्कूल को प्रवासियों के बच्चों के आने से फिर से खोले जाने की बाकायदा शिक्षा विभाग ने हरी झंडी भी दे दी है। जिला शिक्षाधिकारी (प्रारंभिक शिक्षा) सत्यनारायण ने बताया कि बाराकोट ब्लॉक के ग्यूनाड़ा प्राइमरी स्कूल प्रवासियों की आमद के चलते खोला जा रहा है। ग्राम प्रधान पुष्पा देवी के आग्रह पर विभाग ने अगस्त माह में इसकी इजाजत दे दी है।