हमलावर जानवर का पता लगाने को ट्रैप कैमरे का निरीक्षण करती वनविभाग कीटीम। स्रोत: वन विभाग
टनकपुर (चंपावत)। पूर्णागिरि मार्ग से लगे चंपावत वन प्रभाग के नघान कक्ष संख्या तीन में लगाए गए कैमरा ट्रैप की जांच में हमलावर तेंदुआ या बाघ की लोकेशन ट्रेस नहीं हो पाई। वन विभाग की टीम की जंगल गश्त बढ़ाई गई है। वन विभाग ने ग्रामीणों से जंगल नहीं जाने की अपील की है।
बता दें कि 26 दिसंबर को जंगल से चारा पत्ती आदि लेने गई उचौलीगोठ गांव की गीता देवी पर जंगली जानवर तेंदुआ या बाघ ने हमला कर घायल कर दिया था। इसके बाद वन कर्मियों की जंगल में गश्त बढ़ा दी गई है। वन विभाग के मुताबिक अभी स्पष्ट ही नहीं है कि हमलावर जानवर बाघ है या तेंदुआ। इसका पता लगाने को वन कर्मियों की टीम ट्रैप कैमरों की जांच करने में जुटी है। बूम रेंज के वन दरोगा भरत सिंह नेगी के नेतृत्व में वन कर्मियों की टीम ने पूर्णागिरि मार्ग से लगे जंगल में सघन गश्त की। उन्होंने ग्रामीणों को जंगल नहीं जाने की सख्त हिदायत भी दी। बूम रेंज के रेंजर गुलजार हुसैन ने बताया कि शुक्रवार को वन कर्मियों ने हमलावर जानवर की पहचान को नघान कक्ष संख्या तीन में लगाए ट्रैप कैमरों की जांच की लेकिन किसी जानवर की लोकेशन का पता नहीं चल सका।