चंपावत। जिले में पुलिस की ओर से साइबर अपराधों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत कॉल सेंटर से साइबर ठगी करने वाले गिरोह के सरगना को गिरफ्तार करने में सफलता प्राप्त की है। एसपी देवेंद्र पींचा ने बताया कि बनबसा थाना क्षेत्र के शिकायतकर्ता सुनील पुत्र स्वर्गीय चंद्रपाल ने सूचना दी गयी कि साइबर ठग की ओर से अपने आप को बैंक अधिकारी बताकर बैंक का काम होने की बात कहकर क्रेडिट कार्ड का नंबर मांग कर धोखे से उसके खाते से 81,996 की धनराशि की धोखाधड़ी की गई है। बनबसा थाने में आरोपी के खिलाफ आईपीसी की धारा 420 और 66 आईटी एक्ट में मुकदमा पंजीकृत किया गया।
सीओ टनकपुर अविनाश वर्मा और सीओ स्पेशल आपरेशन अभिनय चौधरी के दिशा निर्देशन में मामले की विवेचना प्रभारी निरीक्षक हरपाल सिंह को सौंपी गई। साथ ही साइबर और सर्विलांस टीम की ओर से शिकायतकर्ता से लेन-देन का पूर्ण विवरण प्राप्त कर संबंधित यूपीआई और बैंक नोडल से संपर्क किया गया। इसके आधार पर आरोपी फेज आलम पुत्र रहमत उल्लामियां निवासी अमलोरी, सिवान, बिहार हाल निवासी मोहन गार्डन दिल्ली का घटना में लिप्त होना प्रकाश में आया। साइबर सैल प्रभारी सुरेंद्र सिंह खड़ायत के नेतृत्व में पुलिस टीम ने मोहन गार्डन दिल्ली से तीन मार्च को आरोपी को गिरफ्तार किया। आरोपी से मिली जानकारी के अनुसार दिल्ली स्थित फर्जी कॉल सेंटर पर दबिश दी देकर 29 डायलर सैट मोटरोला, पांच एंड्राइड फोन, आठ सिम कार्ड, एक मुहर, एक पासपोर्ट, दो लैपटॉप सहित अन्य सामान बरामद किया।
अपराध करने का तरीका
चंपावत। एसपी देवेंद्र पींचा ने बताया कि आरोपी बैंक का कस्टमर केयर अधिकारी बनकर लोगों के एटीएम कार्ड नंबर, बैंक एकाउंट आदि की जानकारी लेता था। उसके बाद धनराशि को कई खातों मे घुमाकर गुमराह करने के लिये अलग अलग शहरों से निकालता था।
पुलिस टीम में ये लोग रहे शामिल
चंपावत। साइबर ठगी के आरोपी को पकडने में पुलिस टीम में सीओ स्पेशल आपरेशन अभिनव चौधरी, टनकपुर कोतवाली प्रभारी हरपाल सिंह, साइबर सैल प्रभारी सुरेंद्र सिंह खड़ायत, एसओजी के प्रवीण कुमार, बिहारी लाल,गिरीश भट्ट, पवन कुमार, सद्दाम हुसैन, विनोद जोशी, सपना ढेक, रीनू रानी, आशा गोस्वामी आदि शामिल रहे।