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Champawat News: कारोबार पर पड़ रही स्वाला डेंजर जोन की चोट

Sat, 11 Oct 2025 10:53 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावत
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चंपावत। टनकपुर-चंपावत एनएच पर स्वाला डेंजर जोन व्यापारियों के लिए परेशानी का सबब बना हुआ है। नगर में बाहर से आने वाला जरूरी सामान व्यापारियों को छोटे वाहनों में अधिक भाड़ा देकर मंगवाना पड़ रहा है। ऐसे में इस बार कारोबारियों के मुनाफे पर तो असर पड़ेगा ही, ग्राहकों को भी महंगी दर पर सामान खरीदना पड़ेगा।
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दिवाली का त्योहार नजदीक है। ऐसे में स्वाला डेंजर जोन में आए दिन मलबा गिरने से वाहनों के चक्के थम जा रहे हैं। ऐसे में बाहर से बड़े वाहनों में सामान मंगवाने वाले दुकानदार एहतियातन छोटे वाहनों से सामान मंगवा रहे हैं। इस कारण उन्हें अधिक भाड़ा चुकाना पड़ रहा है। दुकानदारों का कहना है कि अगर स्वाला में रोड बंद हुई तो बड़े वाहन नहीं आ सकेंगे। ऐसे में उन्हें छोटे वाहनों से ही सामाना मंगवाना पड़ रहा है, जिसमें उन्हें ढाई से तीन हजार अतिरिक्त भाड़ा देना पड़ रहा है।
कारोबारियों ने बताया कि छोटे वाहनों में एक बार में पूरा सामान नहीं आ पाता है। कभी ज्यादा सामान भरवा लिया तो जुर्माना देना पड़ जा रहा है। ऐसे में इस बार त्योहार पर उनके लिए मुनाफा कम होने के आसार हैं। बता दें कि जिले में फर्नीचार, कपड़ा, हार्डवेयर, इलेक्ट्रिकल और कारोबार का अन्य सामान बाहर से ही मंगवाना पड़ता है।
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100 रुपये के सामान 200 का पड़ रहा
व्यापार संघ के महामंत्री हरीश सक्टा ने बताया कि स्वाला डेंजर जोन साल भर परेशानी का सबब बन रहा है। वर्तमान में कारोबारियों को सामान का भाड़ा अधिक देना पड़ रहा है। बाहर से आने वाला 100 रुपये का सामान 200 रुपये का पड़ रहा है। ऐसे में अधिक दाम पर उत्पाद बेच पाना चुनौती बन रहा है। उन्होंने बताया कि स्वाला डेंजर जोन के कारण पिछले साल से अब तक चंपावत में 10 करोड़ से अधिक का कारोबार प्रभावित हुआ था। इधर, साड़ी व्यापारी पंकज पंगरिया ने बताया कि भाड़ा अधिक देने के कारण साड़ियां महंगी पड़ रही हैं।
दिवाली का सामान जब तक पूरा नहीं आ जाता है, तब तक सांस लेना भी मुश्किल है। स्वाला डेंजर जोन कब समस्या पैदा कर दे, कहा नहीं जा सकता। सामान के लिए पिछले वर्ष की तुलना में इस बार भाड़ा अधिक देना पड़ रहा है। - सनी वर्मा, इंडियन स्टाइल रेडीमेड गारमेंट्स, चंपावत

अब सामान का भाड़ा तीन हजार रुपये अतिरिक्त देना पड़ रहा है। सामान भी एक बार में पूरा नहीं आ पा रहा है। ऐसे में ग्राहकों की मांग के अनुसार समय पर सामान देना चुनौती बना हुआ है। - दिनेश जोशी, महादेव फर्नीचर, चंपावत
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