चंपावत। जिला अस्पताल की चर्म रोग विशेषज्ञ के अवकाश पर होने के कारण चर्म रोगियों को इलाज कराने में परेशानियां हो रही हैं। उन्हें इलाज के लिए खटीमा जाना पड़ रहा है। इससे समय के साथ ही उन पर आर्थिक बोझ पड़ रहा है।
जिला अस्पताल की चर्म रोग विशेषज्ञ डॉ. कर्णिका पंत पिछले दो माह से अवकाश पर हैं। इसके चलते फंगल संक्रमण, त्वचा में लालिमा और अन्य त्वचा संबंधी बीमारियों से परेशान लोगों को इलाज नहीं मिल पा रहा है। लोगों को त्वचा संबंधी बीमारियों के लिए करीब 100 किमी दूर खटीमा की दौड़ लगानी पड़ रही है। अस्पताल में रोजाना 50 से अधिक मरीज त्वचा रोग के आते हैं। जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. हीरा सिंह ह्यांकी ने बताया कि चर्म रोग विशेषज्ञ का स्वास्थ्य खराब होने के कारण वह अवकाश पर हैं। वर्तमान में फिजिशियन ही चर्म संबंधी मरीजों का इलाज कर रहे हैं।
कुछ दिन पहले शरीर की त्वचा लाल हो गई थी। फिजिशियन की दवा खाकर इलाज नहीं मिला। ऐसे में खटीमा जाकर दो दिन रूक इलाज कराना पड़ा। वर्तमान में पिथौरागढ़ अस्पताल में भी चर्म रोग विशेषज्ञ नहीं है और इससे दिक्कत हो रही हैं। - चंदन, भंडारबोरा।
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शरीर में हल्की से खुजली हुई थी। मेडिकल स्टोर से दवा ली। एक दो दिन ठीक रहा, लेकिन इसके बाद खुजली पूरे शरीर में फैल गई। इसके बाद खटीमा जाकर इलाज कराना पड़ा। - अंकिता, ग्राम मुड़ियानी।