चंपावत।जिला अस्पताल में पिछले चार में माह में सबसे अधिक 66 प्रसव अगस्त माह में हुए हैं। अस्पताल में रोस्टर से तैनात स्त्री रोग विशेषज्ञों से गर्भवतियों काफी लाभ मिल रहा है।
जिला अस्पताल की दोनों स्त्री रोग विशेषज्ञ के अचानक बिना बताए गायब होने पर प्रबंधन ने उन्हें नोटिस भेजा, लेकिन वह नहीं आईं। स्वास्थ्य निदेशालय ने अल्मोड़ा अस्पताल से जिला अस्पताल में एक स्त्री रोग विशेषज्ञ को अटैच किया लेकिन वह आने से पहले ही मेडिकल पर चली गईं। इसके बाद 27 जुलाई को तीन जिलों से अलग-अलग अस्पतालों से नौ स्त्री रोग विशेषज्ञों को जिला अस्पताल चंपावत में रोस्टर से 13 दिन के लिए भेजा गया था। इसके बाद एक माह में चार स्त्री रोग विशेषज्ञों ने अगस्त में 53 सामान्य, 13 ऑपरेशन से प्रसव कराए। पांच महिलाओं को रेफर किया गया।
इससे पहले मई में 32 सामान्य, सात ऑपरेशन से प्रसव हुए। जून में 25 प्रसव सामान्य, तीन ऑपरेशन, नौ महिलाओं को रेफर, जुलाई में 28 प्रसव सामान्य, तीन ऑपरेशन, 10 गर्भवतियों को रेफर करना पड़ा था। अस्पताल में इससे पहले वर्ष 2024 में इतने प्रसव नहीं हुए हैं।
कोट
जिला अस्पताल में रोस्टर से नौ स्त्री रोग विशेषज्ञ की तैनात की गई है। इससे गर्भवतियों के प्रसव अस्पताल में आसानी से हो रहे हैं। इससे पहले महिलाओं को रेफर करना पड़ता था। - डॉ. प्रदीप बिष्ट, पीएमएस, जिला अस्पताल, चंपावत।