सतीश जोशी सत्तू
चंपावत। आजादी मिलने के बाद पहली बार 26 जनवरी 1952 को भारतीय संविधान के लागू होने की खुशी में चंपावत जिले की ऐतिहासिक जागोली धर्मशाला में पहली बार प्रभातफेरी निकाली गई थी। इसका नेतृत्व तत्कालीन स्वतंत्रता संग्राम सेनानी दुर्गा दत्त ओली ने किया था। प्रभातफेरी में स्वतंत्रता संग्राम सेनानी पंडित हर्षदेव ओली के पैतृक गोशनी गांव के साथ ही आसपास के अन्य गांवों के युवाओं ने भी बढ़-चढ़कर प्रतिभाग किया था।
खेतीखान में स्थित जागोली धर्मशाला आजादी की लड़ाई की अहम गवाहों में शामिल है। उस दौर में इस धर्मशाला में देश की आजादी के लिए सेनानियों की ओर से रणनीतियां और योजनाएं तैयार की जाती थीं। पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री सहित कई अन्य स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों ने भी यहां प्रवास किया था।
इतिहासकार देवेंद्र ओली के अनुसार खेतीखान से जागोली धर्मशाला तक पहली बार निकली प्रभातफेरी की जानकारी प्रभातफेरी में शामिल रहे नारायण दत्त ओली ने बताई थी। प्रभातफेरी में उस समय के युवा सुखदेव ओली, गोपाल दत्त, जोगा राम ओली, बाला दत्त ओली, रूपदेव ओली, दुर्गा दत्त कर्नाटक, गिरधारी लाल वर्मा आदि ने भी प्रतिभाग किया था।
सेनानी हर्षदेव ओली के पौत्र राजेश ओली के अनुसार जिले के खेतीखान में स्थित अंग्रेजी माध्यम से बर्नाकुलर स्कूल से गोशनी गांव तक 26 जनवरी 1952 को निकाली गई पहली प्रभातफेरी के बाद हर ऐतिहासिक दिवस पर यहां प्रभातफेरी निकालने की परंपरा कायम हो गई जो आज तक चल रही है। संवाद