फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

रैनबसेरा आने के तीन दिन बाद हुआ पहला स्वास्थ्य परीक्षण

विज्ञापन
चंपावत रैनबसेरा के पास पार्क में बैठे बहराइच के मजदूर। - फोटो : CHAMPAWAT
विज्ञापन
चंपावत। बहराइच के 17 मजदूरों को चंपावत के रैनबसेरा के भूतल में 31 मार्च से रोका गया है, लेकिन यहां आने के बाद उनका पहला स्वास्थ्य परीक्षण तीन दिन बाद शुक्रवार को हुआ। डॉ. मनीष बिष्ट ने इनका परीक्षण किया और सभी का तापमान सामान्य पाया गया। बहराइच के ये मजदूर धारचूला से तीन दिन तक पैदल चलकर 165 किमी दूर चंपावत पहुंचे हैं।
विज्ञापन

यूपी के बहराइच जिला निवासी राकेश, रामकिशन, रामचंद्र, जगसेन, नूरहसन, श्रीधर, बुद्धिराम, जसवीर, ज्ञान, कैलाश, राम खिलावन, अमृतलाल, रामस्वरूप, राम स्वरूप, राजू, शंभू और मिथिलेश 18 मार्च को काम की तलाश में धारचूला पहुंचे। 22 मार्च से शुरू हुए लॉकडाउन से उनका काम छीन गया। इन मजदूरों का कहना है कि जेब में रुपये न होने से पैदल अपने गांव जाने के इरादे से वह 28 मार्च से धारचूला से निकल पड़े। रास्ते में बलुवाकोट, जौलजीबी की पुलिस चौकी ने मामूली पूछताछ कर आगे बढ़ने की इजाजत दे दी। 29 मार्च की रात पिथौरागढ़ पहुंचने पर रात को पुलिस ने भोजन की व्यवस्था की। 30 मार्च की रात घाट के नजदीक बिताई। 31 मार्च शाम को चंपावत पहुंचने पर रैनबसेरे में व्यवस्था हुई। इनका कहना है कि यहां प्रशासन की ओर से सुबह व शाम को भोजन तो मिल रहा है। इधर सीएमओ डॉ. आरपी खंडूरी का कहना है कि रैनबसेरे के मजदूरों के स्वास्थ्य परीक्षण तीन दिन बाद क्यों हुआ, इसका पता लगाएंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें