चंपावत। जिला जज की अदालत ने वाहन दुर्घटना में हुई मौत के मामले में मृतक के परिजनों को 27.25 लाख रुपये प्रतिकर देने का निर्णय सुनाया है। दुर्घटनाग्रस्त वाहन के स्वामी को एक माह के भीतर धनराशि का भुगतान करना होगा। जिला जज अनुज कुमार संगल की अदालत ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद वाहन स्वामी को प्रतिकर के लिए जिम्मेदार माना। साक्ष्य में सामने आया कि दुर्घटना के समय वाहन का बीमा वैध नहीं था और चालक के पास पर्वतीय रूट पर चलने का वैध डीएल नहीं मिला। वाहन मालिक और चालक एक ही हैं। सात-सात लाख मृतक के नाबालिग बच्चों, तीन-तीन लाख माता-पिता और शेष 7.25 लाख पत्नी को दिए जाएंगे।
पाटी तहसील के परेवा गांव निवासी नीमा आर्या ने अपने दो नाबालिग बच्चों और सास-ससुर की ओर से सामूहिक प्रार्थनापत्र में कहा कि उसका पति विक्रम राम (29) मछली-मुर्गी पालन के साथ सब्जी उत्पादन का कार्य करता था। चार नवंबर 2020 को हल्द्वानी से वाहन से मुर्गी चारा लाने के दौरान वाहन दुर्घटना में गंभीर घायल होने के बाद उनकी मौत हो गई थी। वादी ने वाहन मालिक नरेंद्र सिंह और वाहन बीमा कंपनी को पार्टी बनाकर 32 लाख रुपये प्रतिकर की मांग की। रिखाकोट के पास हुई वाहन दुर्घटना के मामले में चालक के लापरवाही से वाहन चलाकर दुर्घटना होने की बात कही गई।