चंपावत जिले के पंचेश्वर में बहुउद्देशीय बांध निर्माण के लिए जारी है सुरंग ड्राफिटंग का कार्य।
- फोटो : अमर उजाला
भारत और नेपाल के बीच महाकाली नदी में प्रस्तावित पंचेश्वर बांध परियोजना में अब तेजी आने की उम्मीद है। गृह मंत्रालय की ओर से भारत से नेपाल को विस्फोटक ले जाने की अनुमति मिल गई है। इसके बाद नेपाल की तरफ से भी जरूरी सुरंग खुदाई का कार्य शुरू हो गया है। वाप्कोस कंपनी के मुख्य अभियंता एसएस गोडसे के अनुसार बांध निर्माण के दौरान विस्फोट की प्रक्रिया पूरी तरह से जमीन की सतह से नीचे रहेगी।
किरॉकफिल तरीके से बनने वाले बांध के लिए जमीन के भीतर की चट्टानों के परीक्षण के लिए भारत और नेपाल से सुरंग बनाई जानी हैं। भारत की ओर से सुरंग बनाने का कार्य पूर्व में ही पूर्ण हो गया था जबकि एसएसबी की ओर से बिना अनुमति विस्फोटक सामग्री नेपाल ले जाने पर रोक से सुरंग ड्राफ्टिंग का कार्य रुका हुआ था।
इस संबंध में पंचेश्वर बांध प्राधिकरण (पीडीए) की ओर से एसएसबी मुख्यालय के अधिकारियों से संपर्क कर गृह मंत्रालय से विस्फोटक नेपाल ले जाने की अनुमति मांगी गई थी। एसएसबी की पंचम वाहिनी के उप कमांडेंट दामोदर मीणा ने बताया कि गृह मंत्रालय से हरी झंडी मिल गई है और नेपाल से भी सुरंग खुदाई का काम शुरू हो गया है।
बांध की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार करने वाली वाप्कोस कंपनी के मुख्य अभियंता एसएस गोडसे के अनुसार बांध निर्माण के दौरान विस्फोट की प्रक्रिया पूरी तरह से सतह से नीचे रहेगी।
बजट में प्रावधान नहीं होने से लोगों में मायूसी
चंपावत। केंद्र सरकार की ओर से फरवरी माह में प्रस्तुत किए गए बजट में बहुउद्देशीय पंचेश्वर बांध परियोजना के लिए बजट का प्रावधान नहीं किए जाने पर क्षेत्र के लोगों में मायूसी है। इसके अलावा बजट के अभाव में डूब क्षेत्र में आने वाले पेड़ों की गिनती का काम भी अब तक पूरा नहीं हो सका है।