दाणेश्वर गुफा में कलश यात्रा के साथ देवी की मूर्ति ले जाते लोग।
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चैत्र नवरातत्र की दशमी तिथि को देवी मंदिरों में लोगों का तांता लगा रहा। नाचनी के होकरा मंदिर में सैकड़ों लोगों ने गौदान किया। सुबह से मंदिरों में लोगों का पहुंचना शुरू हो गया था। जिला मुख्यालय के उल्का देवी, अंबिका देवी, कामाक्षा, कौशल्या देवी, वरदानी देवी, गुरना देवी, कनालीछीना के जयंती मंदिर और अन्य देवी मंदिरों में लोगों ने पूजा, अर्चना की।
कामाक्षा मंदिर में प्रबंधक खीमानंद शर्मा, हरि बल्लभ शर्मा आदि के नेतृत्व में भंडारे का आयोजन किया गया। सेरा के लोगों ने उल्का मंदिर में भंडारा किया। गंगोलीहाट के हाट कालिका, चामुंडा, शीतला, क्षमा, वैष्णवी, अंबिका, भुवनेश्वरी, जगदंबा, बेड़ीनाग के त्रिपुरासुंदरी, कोटगाड़ी मंदिर में लोगों की आवाजाही दिनभर बनी रही। होकरा माई के मंदिर में महाष्टमी, नवमी की रात भर लोगों ने जागरण किया।
दाणेश्वर गुफा में मां दुर्गा की मूर्ति स्थापित
गंगोलीहाट। गंगोलीहाट के सुतारगांव स्थित दाणेश्वर गुफा में मां दुर्गा की मूर्ति स्थापित कर दी है। कई गांवों के लोग मूर्ति को ढोल, नगाड़ों की थाप के बीच नगर से होते हुए गुफा तक ले गए। महिलाओं ने कलश यात्रा निकाली। सोमवार की सुबह बालातड़ी, बलीगांव, सुतारगांव, भाटगांव, रांकण के लोग ढोल, नगाड़ों के साथ नगर के पैनापानी जलधारे पहुंचे। वहां से महिलाओं ने जल भरकर कलश यात्रा निकाली। मां दुर्गा की मूर्ति को कलश यात्रा के साथ गुफा तक ले जाया गया। डौलिया, हाट के साथ नगर के लोगों ने मां की मूर्ति का पूजन किया। गुफा क्षेत्र में बने मंदिर में मूर्ति को स्थापित कर दिया गया है। मंदिर कमेटी के शंकर सिंह बोरा ने बताया कि मंगलवार को गुफा में भंडारे का आयोजन किया जाएगा। उन्होंने लोगों से प्रसाद ग्रहण करने की अपील की है।