बंदरों के उत्पात ने यहां हरेले पर्व की पूर्व संध्या में एक घर में रंग में भंग कर दिया। डाकबंगला रोड में एक मकान की छत पर उत्पात मचा रहे बंदरों द्वारा गिराई ईंट की चपेट में आने से एक बुजुर्ग महिला की मौत हो गई। इस वारदात से परिवार में कोहराम मच गया।
रविवार देर शाम को प्रतिमा देव (75) पत्नी स्वर्गीय नारायण सिंह देव डाकबंगला रोड स्थित घर के बाहर सीढ़ियों में बैठी थी। तभी छत पर ऊधम काट रहे बंदरों ने बुजुर्ग महिला के ऊपर्र इंटें गिरा दी। जिससे महिला के सिर पर गंभीर चोट आ गई। महिला को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। प्राथमिक इलाज के बाद महिला को रेफर करने की तैयारी चल रही थी, तभी वृद्धा ने दम तोड़ दिया। सोमवार को महिला का अंतिम संस्कार स्थानीय शमशान घाट में किया गया।
पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष भूपाल सिंह मेहता, पूर्व सभासद बल्लू माहरा, कुलदीप देव, बल्लू देव, जगदीश बोहरा, मनोज साह, दीपक पुनेठा, कैलाश सिंह देव, निर्मल बोहरा, मदन फर्त्याल, हयात सिंह देव आदि ने बुजुर्ग महिला के निधन पर शोक जताने के साथ जिला प्रशासन पीड़ित परिवार से आर्थिक सहायता देने की मांग की है।
सात महीने में 13 लोगों को घायल कर चुके हैं उत्पाती बंदर
लोहाघाट क्षेत्र में बंदरों का आतंक थम नहीं रहा है। बंदर गांवों के साथ ही अब शहर के आबादी वाले हिस्सों में भी तेजी से ऊधम काट रहे हैं। छोटे बच्चों से लेकर बड़े-बुजुर्गों तक को निशाना बना चुके हैं। इस साल अब तक 13 लोगों को घायल कर चुके हैं।