हाईकोर्ट के आदेश के बाद लोहाघाट नगर क्षेत्र, बस स्टेशन और एनएच पर अतिक्रमण को हटाने के लिए प्रशासनिक कवायद शुरू हो गई है। डीएम दीपेंद्र कुमार चौधरी की अध्यक्षता में हुई बैठक में इस पूरी कार्रवाई की वीडियोग्राफी करने का निर्णय लिया गया है। अलबत्ता अभी अतिक्रमण हटाने की तिथि घोषित नहीं की गई है।
बताया गया कि एनएच से संबंधित अभिलेख और नक्शे उपलब्ध नहीं होने की वजह से अतिक्रमणों का समयबद्ध चिन्हिकरण कर हटाया जाएगा। अतिक्रमण हटाने के लिए लोहाघाट के उप जिला मजिस्ट्रेट सीएस डोबाल की अध्यक्षता में एक कमेटी का गठन किया गया है, जिसमें चंपावत के पुलिस उपाधीक्षक, लोहाघाट के उप प्रभागीय वनाधिकारी, तहसीलदार, एनएच खंड के अधिशासी अभियंता, लोक निर्माण विभाग लोहाघाट के ईई, नगर पंचायत के अधिशासी अधिकारी और थानेदार को सदस्य बनाया गया है। टनकपुर के एसडीएम नरेश दुर्गापाल भी इस समिति को सहयोग करेंगे।
बैठक में एसपी दिलीप सिंह कुंवर, एसडीएम सदर जेएस राठौर, तहसीलदार भगीरथ जोशी, एनएच खंड के ईई एमएस धर्मसत्तू, सहायक अभियंता एनसी पांडेय, वन क्षेत्राधिकारी दीप चंद्र जोशी, जिला शासकीय अधिवक्ता (सिविल) आरसी उप्रेती, डीजीसी (राजस्व) भास्कर मुरारी, अधिशासी अधिकारी अभिनव कुमार, भुवन उपाध्याय, मोहन चंद्र पंत आदि मौजूद थे।
अदालत ने दिया था आदेश
अतिक्रमण को हटाने को लेकर एक नागरिक हरीश चंद्र ढौडियाल ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी, जिस पर कोर्ट ने इस साल 23 सितंबर को लोहाघाट बस स्टेशन, बाजार और एनएच से अतिक्रमण शीघ्र हटाने के आदेश जिला प्रशासन को दिए थे।
पूर्व में चिन्हित हुए थे 231 अतिक्रमण
हाईकोर्ट का आदेश आने के बाद से लोहाघाट में लोगों की नींद उड़ी है। जिला प्रशासन ने अगस्त 2011 तक लोहाघाट से राईकोट महर के तीन किलोमीटर के दायरे में 231 अतिक्रमण चिन्हित किए थे। उधर, नागरिकों ने राज्य सरकार से लोहाघाट नगर के बाहर से बाईपास बनाकर एनएच के पास के अतिक्रमणों को नहीं तोड़ने का अनुरोध भी किया था।