स्वास्थ्य विभाग के महानिदेशक (डीजी) के आदेश जिला अस्पताल सहित ज्यादातर स्वास्थ्य केंद्रों में हवा-हवाई हैं। अब भी दूसरी जगह संबद्ध डॉक्टर और अन्य कर्मी मूल तैनाती स्थल पर नहीं लौटे हैं।
जिला अस्पताल के तीन डॉक्टर अब भी दूसरे स्वास्थ्य केंद्रों से संबद्ध हैं। बाल रोग विशेषज्ञ को राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन से संबद्ध किया गया है।
निश्चेतक और रेडियोलॉजिस्ट तीन दिन टनकपुर अटैच किए गए हैं। एक दंत सर्जन डॉ. काशिफ अहमद सीएचसी से यहां अटैच किए गए हैं। जबकि जिला अस्पताल में पहले से ही एक दंत सर्जन तैनात हैं। एक डॉक्टर सहित दस स्वास्थ्य कर्मी सीएचसी से जिला अस्पताल और दो फार्मेसिस्ट रैघांव और भगाना भंडारी को भी जिला अस्पताल अटैच किया गया है।
इसके अलावा टनकपुर की एक महिला चिकित्साधिकारी डीजी दफ्तर में अटैच हैं। लेकिन अभी इनमें से किसी ने भी आदेश का पालन नहीं किया है। दूसरी जगह संबद्ध डॉक्टरों के जिला अस्पताल में नहीं आने से यहां बच्चों के इलाज से लेकर ऑपरेशन तक प्रभावित हो रहे हैं।
कोट
जिला अस्पताल में डॉक्टरों और पैरा मेडिकल स्टाफ की जबर्दस्त कमी है। डॉक्टरों के 26 में से 11 पद खाली हैं। यहां के डॉक्टरों और अन्य कर्मियों को मूल जगह में भेजने से हालात बिगड़ सकती है। इसलिए इन्हें फिलहाल वापस नहीं भेजा जा रहा है।
-डॉ. आरके जोशी, मुख्य चिकित्साधीक्षक, चंपावत।