चंपावत। डिप्टेश्वर घाट में 1.56 करोड़ रुपये की लागत से जिले के पहले विद्युत और गैस आधारित शवदाह गृह बनाने की कवायद की जा रही है। इससे लकड़ी की खपत कम होने के साथ ही बारिश के मौसम में लोगों के लिए शवदाह करना आसान होगा।
नगर पालिका के ईओ भरत त्रिपाठी ने बताया कि डिप्टेश्वर घाट स्थित शवदाह गृह में मुख्यालय सहित कई ग्रामीण इलाकों के लोग दाह संस्कार के लिए आते हैं लेकिन यहां बरसात के दिनों में दाह संस्कार करने में दिक्कतें आती हैं। लकड़ियां भीगने के कारण उपयोग करना आसान नहीं होता है। इसके अलावा ग्रामीणों को लकड़ी न मिलने के कारण परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
इसको देखते हुए नगर पालिका की ओर से शवदाह गृह को विद्युत और गैस आधारित शवदाह गृह के रूप में तैयार किया जाएगा। इससे विद्युत और गैस आधारित भट्ठियों को तैयार किया जाएगा। इससे जरूरतों के अनुरूप और बरसात के दिनों दाह संस्कार करने में सुविधा होगी। इससे पर्यावरण प्रदूषण कम होने के साथ ही लकड़ी की खपत कम होगी। इससे ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को भी सुविधा होगा। करीब आठ से 10 महीने में निर्माण कार्य पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। संवाद
कोट
सीएम की विधानसभा में जिले के पहले विद्युत और गैस आधारित शवदाह गृह को स्थापित करने की कवायद की जा रही है। इसके लिए टेंडर प्रक्रिया की जा रही है। टेंडर प्रक्रिया पूरी होते ही निर्माण कार्य शुरु होंगे। - प्रेमा पांडेय, नगर पालिका अध्यक्ष, चंपावत