उत्तरायणी पर्व पर भारत-नेपाल सीमा में गोरी, काली, धौली, सरयू और रामगंगा नदी के संगम पंचेश्वर धाम और रामेश्वर में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने डुबकी लगाकर पर्व स्नान किया। चौखामा बाबा मंदिर में भी श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। श्रद्धालुओं ने मंदिर में पूजा अर्चना कर मनौतियां मांगी।
मान्यता है कि सच्चे मन से चौखाम बाबा मंदिर आने वाले श्रद्धालु की हर मनौती पूरी होती है। प्राचीन समय से लोगों की चौखामा बाबा के प्रति अटूट आस्था रही है। मकर संक्रांति पर्व पर चंपावत और पिथौरागढ़ जिले के अलावा नेपाल से आए श्रद्धालुओं ने भी मंदिर में पूजा-अर्चना कर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया।
पंचेश्वर में पिथौरागढ़ जिले के सेल, सल्ला, ताड़ागड़ा, हिमतड़ा, सिमली, रौतगड़ा, क्वारबन, बरदे तथा नेपाल के सल्ला, धामकुड़ी, संतोला, लेक, कुलाऊ, आमचौरा, महाशाली, सरमाली आदि गांवों से लोगों की भीड़ उमड़नी शुरू हो गई। बड़ी संख्या में लोगों ने अपने बच्चों के यज्ञोपवीत और मुंडन संस्कार कराने के साथ-साथ मंदिर की परिक्रमा कर मन्नतें मांगी। इस मौके पर यहां सजी दुकानों में लोगों ने खरीददारी भी की। चौखाम बाबा को अवतरित कराने के लिए यहां परंपरागत रूप से सेल गांव के ढोल वादक पहुंचे थे। शनिवार रातभर यहां देवी जागरण हुआ। दूसरी तरफ रामेश्वर में भी उत्तरायणी पर्व पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने स्नान किया।
आईटीबीपी में उल्लास से मनाई गई लोहड़ी
लोहाघाट (चंपावत)। छमनियांचौड़ स्थित आईटीबीपी की 36 वीं वाहिनी में हिमवीरों ने लोहड़ी और मकर संक्रांति का पर्व धूमधाम से मनाया। वाहिनी के कमांडेंट सुभाष चंद्र यादव की देखरेख में लोहड़ी पर्व पर शनिवार रात को सभी धर्मों के हिमवीरों ने अलाव जलाकर उसके चारों ओर मिलकर गायन किया। इस दौरान कमांडेंट यादव ने कहा कि अनेकता में एकता का भाव जगाने वाले भारत देश में सभी धर्मो के त्योहारों को उल्लास के साथ मनाया जाता है। इस मौके पर वाहिनी के उपसेनानी मनोज कुमार बहुगुणा के अलावा समस्त हिमवीर मौजूद रहे।
बच्चों ने उत्साह से मनाया घुघुतिया त्योहार
चंपावत। मकर संक्रांति में छोटे बच्चों ने घुघुतिया त्योहार पूरे उत्साह से मनाया। सुबह से ही बच्चे काले कौवा काले घुघुति माला खा ले का गीत गुनगुनाते कौवों को बुलाते रहे। बच्चों ने घुघुतिया की माला गले में डाल पर्व को मनाया।