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बारात की कार खाई में गिरी चालक सहित दो की मौत

Fri, 08 Dec 2017 10:32 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, लोहाघाट (चंपावत)।
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टॉर्च की रोशनी से घायलों से उनका हालचाल जानते ग्रामीण्‍ा - फोटो : अमर उजाला
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नेपाल सीमा से लगे लोहाघाट विकासखंड के रौंसाल-डुंगराबोरा मार्ग पर घटगाड़ के पास बारात से लौट रही एक कार दुर्घटनाग्रस्त होकर गहरी खाई में गिर गई। दुर्घटना में चालक सहित दो की मौत हो गई, जबकि तीन घायल हो गए। घायलों में दो की हालत गंभीर होने के कारण उन्हें उच्च चिकित्सा केंद्र रेफर कर दिया है। दुर्घटना के कारण का पता नहीं चल सका है।
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लोहाघाट नगर से लगे कोलीढेक गांव से बृहस्पतिवार को एक बारात डुंगराबोरा गई हुई थी। बृहस्पतिवार देर शाम करीब 7.30 बजे लौटते वक्त बारात में शामिल एक आल्टो कार (यूके 03-9230) लोहाघाट से करीब 31 किलोमीटर दूर  रौंसाल-डुंगराबोरा मार्ग पर घटगाड़ के पास अनियंत्रित होकर करीब 100 मीटर गहरी खाई में गिर गई। दुुर्घटना में कार चालक किशोर ढेक (32) पुत्र रमेश ढेक, कार सवार बलवंत बोहरा (26) पुत्र मदन सिंह, नितिन ढेक (27) पुत्र दरबान सिंह, सुमित ढेक (24) पुत्र नरेश ढेक और शैलेंद्र ढेक (26) पुत्र सुरेश ढेक घायल हो गए। चालक किशोर ढेक की लोहाघाट अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई, जबकि बलवंत बोहरा ने लोहाघाट से हायर सेंटर ले जाते समय दम तोड़ दिया। नितिन ढेक और सुमित ढेक को सीएचसी लोहाघाट में प्राथमिक इलाज के बाद प्रभारी मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. एलएम खोलिया ने हायर सेंटर रेफर कर दिया है। शैलेंद्र को मामूली चोटें आई हैं।


दुर्घटना का पता लगते ही बसंत बल्लभ भट्ट, शैलेश कापड़ी, प्रकाश सिंह, श्याम सिंह, खीम सिंह, सुरेश सिंह के अलावा वन श्रमिक, रौंसाल चौकी और किमतोली कोतवाली के पुलिस कर्मियों ने मौके पर पहुंचकर घायलों को खाई से निकाला। आपदा राहत की टीम के पहुंचने तक यहां लोगों ने मोबाइल फोन के उजाले से राहत कार्य किया। घायलों को अग्निशमन और निजी वाहनों से लोहाघाट अस्पताल लाया गया। मामूली रूप से घायल शैलेंद्र को प्राथमिक इलाज के बाद शुक्रवार को अस्पताल से छुट्टी दे दी है। चालक किशोर ढेक का पोस्टमार्टम लोहाघाट और रास्ते में दम तोड़ने वाले बलवंत बोहरा का पोस्टमार्टम चंपावत में हुआ। पोस्टमार्टम के बाद दोनों शव परिजनों को सौंप दिए हैं।
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कोलीढेक में शोक की लहर
डुंगराबोरा के पास कार दुर्घटना में दो युवकों की मौत से उनके गृह क्षेत्र कोलीढेक में शोक की लहर है। दुर्घटना में जान गंवा चुके युवकों के घरों में मातम पसरा है। परिजन घटना के बाद से बदहवाश हैं। गमगीन माहौल में दोनों युवकों का ऋषेश्वर घाट पर अंतिम संस्कार किया गया। अंतिम संस्कार के दौरान बड़ी संख्या में लोग पहुंचे हुए थे।


वर्ष 2017 में सर्वाधिक सड़क हादसे
चंपावत जिले में सड़क दुर्घटना में लगातार इजाफा हो रहा है। 2017 में बीते चार वर्षों में सबसे अधिक सड़क दुर्घटनाएं हो चुकी हैं। जनपद में इस साल बृहस्पतिवार रात को घटगाड़ के पास हुई दुर्घटना समेत अब तक हुए 24 दुर्घटनाएं हो चुकी हैं। इनमें 17 लोग अपनी जिंदगी गंवा चुके हैं। इसके अलावा 40 लोग घायल हुए हैं।


संपर्क मार्गों पर नहीं होती चेकिंग
सड़क सुरक्षा को लेकर पुलिस से लेकर प्रशासन तक दावे करते नहीं थकते, मगर ये दावे धरातल पर नजर नहीं आते हैं। राष्ट्रीय राजमार्गों पर तो यदा-कदा पुलिस और परिवहन विभाग चेकिंग करते भी हैं, लेकिन ग्रामीण संपर्क मार्गों पर चेकिंग होती ही नहीं। एआरटीओ रश्मि भट्ट का कहना है कि स्टाफ की कमी से ज्यादातर संपर्क मार्गों पर चेकिंग कम हो पाती है। विभाग कार्यालयी काम के अलावा मुख्य रूप से राष्ट्रीय राजमार्ग एवं यातायात की दृष्टि से व्यस्त अन्य मार्गों पर चेकिंग करता है। हादसे वाली जगह पर भले ही किमतोली (पंचेश्वर) कोतवाली एवं रौंसाल चौकी पड़ती हो, मगर पुलिस के इन बैरियरों पर भी चेकिंग कम ही होती है। खासकर बारात के वाहनों की तो कतई नहीं। कोतवाली प्रभारी सुभाष पंत का कहना है कि यहां पुलिस के पास गति नापने और शराब का सेवन कर वाहन चलाने वालों का परीक्षण करने के लिए एल्कोमीटर भी नहीं है। ऐसे में हादसों पर लगाम लगाना कठिन हो रहा है।
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चंपावत जिले में चार वर्ष में हुई सड़क दुर्घटनाएं
वर्ष             कुल दुर्घटनाएं    मृतक     घायल        
2014               11         08      08
2015               23         08     19
2016               19         15      32
2017               24         17       40
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