नेपाल में भारत के राजदूत रंजीत रे ने शुक्रवार को यहां से एक किमी दूर नेपाल के भुजेला में भारत द्वारा बनाए जाने वाले पुल की साइट का मुआयना किया। भुजेला गांव के नजदीक शारदा पर भारत 1200 मीटर लंबा पुल बना रहा है। उन्होंने शारदा बैराज के दक्षिणी छोर पर नेपाल में प्रस्तावित पुल की प्रगति और डीपीआर की जानकारी ली। राजदूत ने बताया कि भारत ने चार वर्ष में पुल निर्माण पूरा करने का लक्ष्य रखा है।
महाकाली अंचल पहुंच श्री रे ने इस दौरान सीमावर्ती नेपाल के लोगों की समस्याओं की जानकारी भी ली। वह नेपाल में भारत द्वारा प्रस्तावित विकास कार्यों की समीक्षा और पूरे हो चुके कार्यो के उद्घाटन को इन दिनों शारदा (महाकाली) नदी के दोनो छोरों के भ्रमण पर हैं। बाद में एसएसबी की 57वीं वाहिनी की ए कंपनी मुख्यालय पहुंचने पर एसएसबी जवानों ने राजदूत रे को गार्ड आफ ऑनर दिया। उन्होंने एसएसबी और प्रशासनिक अधिकारियों से सीमा क्षेत्र की सुरक्षा और अन्य जानकारियां लीं। इस मौके पर राजदूत के प्रथम सचिव मदन सिंह भंडारी, एसएसबी के उप महानिरीक्षक केपी सिंह, द्वितीय कमान अधिकारी हरि प्रकाश, एसी बिजेंद्र सिंह, एसडीएम नरेश चंद्र दुर्गापाल, सीओ पीएस पांगती आदि मौजूद थे।
नेपाल के विकास का सहभागी बनेगा भारत
बनबसा (चंपावत)। राजदूत रंजीत रे ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पिछले साल के नेपाल दौरे के बाद से भारत-नेपाल के संबंधों में गरमाहट आई है। यहां पत्रकार वार्ता में उन्होंने कहा कि नेपाल के पिछड़े क्षेत्र पश्चिमांचल के विकास में भारत हाथ बंटा रहा है। इसके लिए पीएम नरेंद्र मोदी ने पांच करोड़ नेपाली रुपए दिए हैं। नेपाल के इस क्षेत्र में सड़क, पानी, बिजली जैसी मूलभूत समस्याओं को पूरा कराने के लिए भारत प्रतिबद्ध है। कहा कि भारत और नेपाल परंपरा और सांस्कृतिक नजरिए से भी एक-दूसरे के करीब हैं।