मृतक श्रमिक मंडल अमीर चांद-फाइल फोटो-संवाद
टनकपुर (चंपावत)। दूरस्थ चूका क्षेत्र में लधिया नदी में बहे श्रमिक का शव आठवें दिन शारदा बैराज में उतराता मिला। पश्चिम बंगाल से आए परिजनों की ओर से शिनाख्त के बाद पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। मृतक परिवार का इकलौता कमाई करने वाला था।
बीते 25 मई को दूरस्थ चूका क्षेत्र में लधिया नदी को पार करते समय पश्चिम बंगाल के जिला मुर्शिदाबाद के मानिक डांगा निवासी श्रमिक मंडल अमीर चांद (55) पुत्र अनस मंडल बह गया था। उसका साथी रॉकी मंडल करीब सौ मीटर बहने के बाद किनारे लगने से बच गया था। सूचना पर एसडीआरएफ, पुलिस, एसएसबी की टीम ने अमीर चंद की तलाश शुरू की। लधिया नदी आगे शारदा नदी में मिल जाती है। टीमें दोनों जगहों पर उसकी तलाश में जुटी थीं।
ठूलीगाड़ एसओ राकेश कठायत ने बताया कि रविवार की सुबह शारदा बैराज की जाली के पास लापता श्रमिक का शव उतराता नजर आया। शव को निकालकर मोर्चरी में रखवाया है। पश्चिम बंगाल से आए मृतक की पत्नी सुमित्रा मंडल और परिजन, साथियों ने उसकी शिनाख्त की। परिजनों ने बताया कि चार बच्चों में बड़ी बेटी फुल्टोसी, सतरूपा, प्रियंका और पुत्र राकेश मंडल है, जिनमें फुल्टोसी व सतरूपा की शादी हो गई है। प्रियंका 12वीं और पुत्र राकेश छठी कक्षा में पढ़ता है। परिजनों ने बताया कि तीन माह पहले ही मजदूरी करने ठेकेदार के पास आया था।