पांच के सिक्कों को जमा कराने से बैंक का इनकार
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चंपावत। पांच रुपए के सिक्के भी यहां लोगों के लिए कई बार फजीहत का सबब बन रहे हैं। सोमवार को जिला मुख्यालय में ऐसा एक वाकया सामने आया। एक ग्रामीण को पांच रुपए के कुल 12500 रुपए मूल्य के सिक्कों को वापस बैंक में जमा कराने के लिए पापड़ बेलने पड़े। उन्हें एक बैंक से दूसरे बैंक में चक्कर लगाने को मजबूर होना पड़ा। बाद में पुलिस के हस्तक्षेप से मामला सुलझ सका।
धौन गांव के धर्मानंद भट्ट ने उत्तराखंड ग्रामीण बैंक से सोमवार को 96 हजार रुपए निकाले। बैंक ने इस रकम में पांच के सिक्कों का 12500 रुपए मूल्य का एक थैला भी पकड़ा दिया। धर्मानंद ने बैंक से सिक्कों की बजाय नोट देने को कहा, लेकिन उसकी नहीं सुनी गई। बाद में धर्मानंद इस थैले को लेकर भारतीय स्टेट बैंक की स्थानीय शाखा में गया, मगर वहां भी बैंक कर्मी ने इसे लेने से इंकार कर दिया।
यहां से थकहार कर वह दोबारा ग्रामीण बैंक गया। धर्मानंद भट्ट ने एक इलेक्ट्रॉनिक मीडिया कर्मी सूरज बोहरा को पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी। उन्होंने पुलिस से मामले की शिकायत की। प्रभारी कोतवाल अनुराग सिंह ने एसबीआई के अधिकारियों से मालूमात की। एसबीआई प्रबंधक एचएस पांगती ने इन सिक्कों को धर्मानंद भट्ट के खाते में जमा कराया।