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Champawat News: बारिश से भी चंपावत जिले में गिरा पारा, लोग घरों में कैद

Thu, 16 Jan 2025 10:57 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावत
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चंपावत/बनबसा/लोहाघाट। चंपावत जिले में बीते दो दिनों से पाला पड़ने के चलते ठंडा हो रहा था, लेकिन बृहस्पतिवार को तड़के से बारिश होने के कारण थोड़ी राहत मिली है। बारिश के चलते लोग घरों में दुबके रहे। लोग दिन भर अलाव के सहारा ही लेते रहे।
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बारिश के बाद चंपावत में अधिकतम 8.7 डिग्री और न्यूनतम तापमान 3.1 डिग्री सेल्सियस रहा। वहीं बुधवार को 16.03 डिग्री और न्यूनतम तापमान माइनस पांच डिग्री सेल्सियस रहा। नगर में एक दिन में आठ डिग्री तापमान में गिरावट आई। इससे ठंड में काफी इजाफा हुआ है।
आपदा विभाग के अनुसार चंपावत में 36 घंटे में सात मिमी, लोहाघाट में एक मिमी और बनबसा में एक मिमी बारिश दर्ज की गई। वहीं नगर क्षेत्र में प्रशासन की ओर से लोगों के लिए अलाव की व्यवस्था की गई है। इससे लोगों को काफी राहत मिल रही है।
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रिमझिम बारिश खेती के लिए वरदान
बनबसा में बृहस्पतिवार सुबह से ही रूक-रूक कर हो रही रिमझिम बारिश से किसानों के चेहरे खिल उठे हैं। किसान और बागान स्वामी इस बारिश को खेतीबाड़ी के लिए वरदान मान रहे हैं। प्रगतिशील किसान हेमेंद्र सिंह रावत, राज्य बागवानी पुरस्कार प्राप्त जिपं सदस्य पुष्कर दत्त कापड़ी, बागान ठेकेदार जावेद खान और शकील अहमद मंसूरी ने बताया कि इस बारिश से जहां किसानों का सिंचाई पर खर्च से बचाव हुआ है वहीं बागानों में फलों के वृक्षों को भी लाभ होगा। सीएओ डी कुमार ने बताया कि इस बारिश से गेहूं की फसल में एक नई जान आ जाएगी। यह बहुत फायदेमंद है।

मौसम में बदलाव, नामिक गांव में आलू, राजमा के उत्पादन पर असर
नाचनी (पिथौरागढ़)। नामिक गांव में पिछले तीन वर्षों से बर्फबारी नहीं होने से 110 किसानों के जैविक आलू और राजमा का उत्पादन आधा हो गया है। साथ ही इन फसलों पर कई तरह के रोग लगने लग गए हैं।
बर्फ पड़ने से कीट-पतंग पनप नहीं पाते थे। मौसम में आ रहे बदलाव के चलते बर्फ अब गांव से तीन किमी दूर ऊंची पहाड़ी पर ही गिरती है। गांव के राजमा और आलू उत्पादक किसान प्रताप सिंह, दान सिंह, खुशाल सिंह, पान सिंह, भुवन सिंह आदि ने बताया कि बर्फ नहीं पड़ने से आलू, राजमा का उत्पादन काफी कम हो गया है। फसलें अब कई तरह के रोगों की चपेट में आ रही हैं। पहले प्रति परिवार एक से दो क्विंटल राजमा और पांच से दस क्विंटल तक आलू का उत्पादन करता था। उन्होंने कहा कि अब उत्पादन घटने से मुख्य आजीविका पर काफी असर पड़ रहा है।

बारिश से मौसम का मिजाज बिगड़ा, कड़ाके की ठंड
टनकपुर/बनबसा (चंपावत)। जिले के मैदानी क्षेत्र में बृहस्पतिवार सुबह से मौसम का मिजाज बिगड़ गया। हल्की बारिश का क्रम शुरू हाेने पर कड़ाके की ठंड का एहसास हुआ। बाजार में सन्नाटा पसरा रहा। दिनभर कड़ाके की ठंड से जनजीवन प्रभावित रहा। लोगों के छाते निकल आए। बाजार में अन्य दिनों की गहमा गहमी नदारद रही। सुबह करीब पांच बजे से हल्की बरसात का क्रम शुरू हुआ, जो दोपहर बाद तक भी जारी रहा। पिछले 24 घंटों में बनबसा में एक मिमी वर्षा रिकार्ड हुई। बुधवार की देर रात से ही बनबसा में कोहरे की चादर फैल गई थी। बृहस्पतिवार को बनबसा में न्यूनतम तापमान 8 और अधिकतम 16 डिग्री सेल्सियस रहा।
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