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जहरीला लिंगड़ा खाने से किशोर की मौत, सात बीमार

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चंपावत। चंपावत ब्लॉक के दूरस्थ खटोली गांव में दो भाइयों के परिवार के सात लोग जंगली लिंगड़ा सब्जी खाने से बीमार हो गए। बीमार सात लोगों में से चार किशोर हैं। एक किशोर ने घर में ही दम तोड़ दिया। बीमार सात लोगों को शनिवार को आपात चिकित्सा सेवा 108 एंबुलेंस से लाकर यहां जिला अस्पताल भर्ती कराया गया। गंभीर रूप से बीमार चार लोगों को उच्च केंद्र रेफर किया गया है।
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यहां से 53 किमी दूर खटोली गांव में दो भाइयों पान सिंह और कमल सिंह के परिवार के 12 लोगों ने बृहस्पतिवार को जंगली लिंगड़ा सब्जी खाई। शुक्रवार सुबह आठ लोगों को उल्टी और बेचैनी होने लगी। पहले तो परिवार ने झाड़-फूंक कराई। शुक्रवार शाम पान सिंह के बेटे पवन सिंह (16) की मौत हो गई। इसके बाद खटोली वन पंचायत के पूर्व सरपंच प्रकाश सिंह ने आपात चिकित्सा सेवा 108 एंबुलेंस को बुलवाने के साथ ही पूर्व जिला पंचायत सदस्य मुकेश महराना को जानकारी दी। पान सिंह की पत्नी शांति देवी (40), पान सिंह की बेटी सरोज (18), बेटा उत्तम सिंह (22) और भोला सिंह (13), कमल सिंह के पुत्र अमित सिंह (11), संजय (17) और बेटी रिया (14) को आपात सेवा 108 एंबुलेंस से शुक्रवार को मध्यरात्रि में जिला अस्पताल लाया गया। फिजीशियन डॉ. अजय कुमार, इमरजेंसी मेडिकल ऑफिसर डॉ. गौरांग जोशी और डॉ. आशीष खर्कवाल ने बीमार लोगों का इलाज किया।
पीएमएस डॉ. आरके जोशी ने बताया कि तीन लोगों की तबियत में सुधार है। उत्तम सिंह, संजय, शांति देवी और सरोजं की हालत अभी गंभीर बनी हुई। मूत्र से रक्तस्राव होने और रक्तचाप कम होने से इन चारों को हायर सेंटर रेफर किया गया। लेकिन परिजनों ने फिलहाल उन्हें हल्द्वानी सुशीला तिवारी ले जाने के बजाय चंपावत के एक निजी अस्पताल भर्ती कराया है। अस्पताल के निदेशक दीपक जोशी का कहना है कि अभी दो लोगों की हालत स्थिर बनी हुई है। इन दोनों को आईसीयू में भर्ती किया गया है। वहीं पोस्टमार्टम के बाद किशोर पवन सिंह का शव परिजनों को सौंप दिया गया।
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चंपावत-लोहाघाट की 108 सेवा की एंबुलेंस ने लगाए चार फेरे
चंपावत। खटोली गांव चंपावत से 53 किमी दूर है। बीमार लोगों को गांव से तीन किमी पैदल दूरी तय कर सड़क तक पहुंचाने में करीब 45 मिनट का वक्त लग गया। इसके बाद यहां से 50 किमी का फासला आपात चिकित्सा सेवा 108 से तय किया गया। 108 सेवा के जिला प्रबंधक भास्कर शर्मा ने बताया कि शुक्रवार देर शाम से शनिवार तड़के तक चंपावत और लोहाघाट की एंबुलेंस ने कुल चार फेरे लगाकर सातों बीमार लोगों को जिला अस्पताल पहुंचाया।
पौष्टिक सब्जी लिंगड़ा की पहचान आसान नहीं
चंपावत। जंगली लिंगड़ा सब्जी गाड़-गधेरों के किनारे और नमी वाली जगहों पर उगने वाली फर्न है। यह सब्जी न केवल पौष्टिक है, बल्कि यह औषधीय गुणों से भी भरपूर है। इसकी हरी कोमल डंठल में विटामिन ए, विटामिन बी कांप्लेक्स, पोटेशियम, कॉपर, आयरन, फैटी एसिड, सोडियम, फास्फोरस, मैगनीशियम, कैरोटिन और खनिज लवण भरपूर मात्रा में होता है। लेकिन जंगली लिंगड़ा और जहरीले लिंगड़ा सब्जी में अंतर करना बेहद कठिन होता है।
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ऐसे करें पहचान:
जहरीला लिंगड़ा आकार में पतला होता है।
ऊपरी सिरे में घुमाव वाला लिंगड़ा ठीक होता है।
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