टनकपुर (चंपावत)। कर्मचारियों को आधा वेतन दिए जाने के फैसले के विरोध में शुक्रवार को रोडवेज के कर्मचारी सड़क पर उतर आए। उन्होंने मंडलीय प्रबंधक कार्यालय में प्रदर्शन कर बोर्ड के फैसले को बेतुका और कर्मचारियों के उत्पीड़न करने वाला बताया है। उन्होंने प्रबंध निदेशक को ज्ञापन भेज कर लंबित पूरा वेतन दिए जाने की मांग की है।
रोडवेज कर्मचारी संयुक्त परिषद से जुड़े कर्मचारी शुक्रवार को परिवहन निगम बोर्ड के वेतन संबंधी फैसले से भड़क गए। संगठन के क्षेत्रीय अध्यक्ष राजेंद्र सिंह मलिक की अगुवाई में कर्मचारी कार्य बहिष्कार कर मंडलीय प्रबंधक कार्यालय के समक्ष एकत्र हुए और निगम प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी कर जोरदार प्रदर्शन किया। उन्होंने कहा कि निगम को घाटे की आड़ में कर्मचारियों को आधा वेतन दिया जाना न्योचित नहीं हैं, बोर्ड के इस फैसले को किसी भी दशा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि कोरोना की वैश्विक महामारी के दौर में कर्मचारियों ने जान जोखिम में डालकर प्रवासियों को घर तक पहुंचाने का काम किया। कई कर्मचारियों की कोरोना संक्रमण से मौत भी हुई है। वेतन नहीं मिलने से कर्मचारी औन उनका परिवार पहले ही आर्थिक तंगी की मार झेल रहे हैं। उन्होंने कहा कि आधे वेतन की राशि लोन की किश्तों में चल जाती है, ऐसे में परिवार का भरण-पोषण करना संभव नहीं है। मंडलीय प्रबंधक पवन मेहरा के माध्यम से प्रबंधक निदेशक को ज्ञापन भेज कर संगठन ने आधा वेतन दिए जाने के फैसले को तत्काल निरस्त कर पूरा वेतन भुगतान की मांग उठाई है। प्रदर्शन करने वालों में भुवन चंद्र पांडेय, इंद्र सिंह बिष्ट, विनोद नौटियाल, बलदेव प्रसाद, राजेंद्र बिष्ट, रेवधार चौड़ाकोटी, संजय भट्ट, योगेश सिंह आदि शामिल थे।