लोहाघाट (चंपावत)। बाराकोट ब्लाॅक में तेंदुए की दहशत लगातार बढ़ रही है। मिरतोली और ओखलंज में स्कूल जा रहे शिक्षकों का रास्ते में तेंदुए से सामना हो गया। शिक्षकों ने किसी तरह भागकर अपनी जान बचाई।
ओखलंज की प्रधान कविता कालाकोटी, पूर्व प्रधान राकेश बोहरा, प्रेम राम, पुष्कर राम आदि के साथ शिक्षकों ने बताया कि मिरतोली और ओखलंज में तेंदुए की सक्रियता लगातार बढ़ती जा रही है। बृहस्पतिवार सुबह स्कूल जाते समय रास्ते में तेंदुआ मिल गया। तेंदुआ रुक कर उनकी तरफ देखने लगा। डर के मारे कांप रहे शिक्षकों ने तेंदुए को मारने के लिए पत्थर उठा लिए लेकिन वह उसकी तरफ फेंकने की हिम्मत नहीं कर पाए और तुरंत ही बिना रुके स्कूल की तरफ बदहवास होकर दौड़ते चले गए। स्कूल में पहुंचकर उन्होंने राहत की सांस ली।
घटना के बाद लोगों ने शासन-प्रशासन से संज्ञान लेने की अपील की ताकि दोबारा यह घटना न हो पाए। प्रधान कविता ने स्कूल का समय बदलने का सुझाव दिया है। रेंजर आरके जोशी ने बताया कि ओखलंज में पिंजरा लगाया गया है। लोगों को जागरूक करने के साथ सतर्क भी किया जा रहा है।
लोगों के सामने कुत्ता उठा ले गया तेंदुए
बीते मंगलवार की शाम को करीब सात बजे रोडवेज वर्कशाप से तेंदुए लोगों के सामने कुत्ते को उठा ले गया, इससे क्षेत्र में डर का माहौल है। इधर, ग्राम सभा पाटन पाटनी के ठुलखोली, छमनियां, सुंई पऊ, गलचौड़ा आदि स्थानों में दिन दहाड़े तेंदुआ दिख रहा है। ऐसे में लोगों के लिए अकेले सड़क पर चलना भी मुश्किल हो रहा है। इधर, चामी में भी भगवती मंदिर के पास सुबह 8:30 बजे लोगों ने तेंदुआ देखा था।