खाद्य सुरक्षा तो दूर खाद्य विभाग के गोदामों के हाल भी ठीक नहीं हैं। चंपावत के खाद्य गोदाम की टपकती छत से अनाज को बचाने के लिए गोदाम के भीतर प्लास्टिक की पन्नी लगानी पड़ रही है।
खाद्य गोदाम में रखे राशन को बचाने के लिए विभाग पन्नियों और तिरपाल का सहारा ले रहा है। सहायक खाद्य निरीक्षक प्रकाश फर्त्याल का कहना है कि 2007-08 में निर्मित 500 मीट्रिक टन क्षमता के गोदाम की छत 2012 में टपकनी शुरू हो गई थी। जिस वजह से राशन को खराब होने से बचाना चुनौती बन रहा है। राशन बचाने को फिलहाल तिरपाल और पन्नी का सहारा लिया जा रहा है।