टनकपुर-जौलजीबी मार्ग निर्माण के कार्य को वन विभाग ने रोक दिया है। कहा गया है कि भूमि हस्तांतरण और सड़क के दायरे में आ रहे पेड़ों के छपान के लिए विभाग को अभी आदेश नहीं मिला है। अब कार्यदायी विभाग पीयूआई वन विभाग को सैद्धांतिक मंजूरी के आदेश मुहैया कराने की कार्रवाई कर रहा है।
नेपाल सीमा से लगे सीमांत क्षेत्र को सड़क सुविधा से जोड़ने के लिए केंद्र सरकार ने बहुप्रतीक्षित टनकपुर-जौलजीबी सड़क निर्माण को मंजूर दी है। सैद्धांतिक मंजूरी मिलने के बाद गत माह मुख्यमंत्री हरीश रावत ने न सिर्फ सड़क की आधारशिला रखी थी, बल्कि इसके लिए लोनिवि विभाग की पीयूआई नाम से एक अलग इकाई भी गठित की है। 23 दिसंबर को कार्यालय अस्तित्व में आने के बाद पीआईयू ने 28 दिसंबर को भूमि पूजन कराकर कार्यदायी एजेंसी आरजीवे विल्डवेल कंपनी ने सड़क काटने का काम शुरू कर दिया था, लेकिन इस बीच वन विभाग ने आदेश नहीं पहुंचने का हवाला देते हुए कार्य रुकवा दिया है।
वन क्षेत्राधिकारी बीएम महरा का कहना है कि सड़क के लिए भूमि स्थानांतरण के कोई आदेश अब तक विभाग को नहीं मिले हैं, इसके चलते सड़क काटने की अनुुमति दी जानी संभव नहीं है। उनका कहना है कि सड़क के दायरे में आ रहे पेड़ों का कटान तो दूर छपान तक नहीं हो पाया है। विभाग को आदेश मिलने के बाद ही पेड़ों का छपान एवं कटान की कार्रवाई शुरू हो पाएगी। इधर, कार्यदायी विभाग के ईई बीसी पंत का कहना है कि केंद्र सरकार से सैद्धांतिक मंजूरी मिलने के बाद ही सड़क निर्माण का कार्य शुरू किया गया है। वन विभाग के पास यदि आदेश नहीं पहुंचा है तो आदेश उपलब्ध कराने की कार्रवाई की जा रही है।
डीएफओ को काम रुकवाने की जानकारी नहीं
वन विभाग द्वारा टनकपुर-जौलजीबी सड़क निर्माण का कार्य रुकवाने की चंपावत वन प्रभाग के डीएफओ एके गुप्ता को जानकारी नहीं है। जब उन्हें वन क्षेत्राधिकारी के तर्क की जानकारी दी गई तो उन्होंने कहा कि वे अवकाश पर हैं। भूूमि हस्तांतरण एवं पेड़ों के छपान का आदेश विभाग को मिला है या नहीं, इस बारे में भी उन्हें पता नहीं है।