आगामी 15 दिसंबर से क्षेत्र में तांगे नहीं दिखाई पडे़ंगे। पशु क्रूरता अधिनियम के तहत शासन-प्रशासन ने तांगों के संचालन पर रोक लगाने के निर्देश दिए हैं। मंगलवार को यहां तांगा चालकों की बैठक में तांगा चालकों को अपनी व्यवस्था करने का समय देते हुए 15 दिसंबर से तांगा नहीं चलाने को कहा गया है। प्रशासन के लिए तांगा सिरदर्द बन गए थे। आमजन ने प्रशासन के इस फैसले का स्वागत किया है।
बनबसा और नेपाल के बीच आवागमन का तांगा ही एकमात्र साधन था। तांगा चालकों द्वारा की जा रही पशु क्रूरता की शिकायतों पर शासन-प्रशासन ने गंभीर रुख अपनाया। इसके तहत नेपाल सीमा के प्रवेशद्वार बनबसा में तांगों के संचालन पर रोक लगाने के निर्देश दिए हैं।
यहां एसडीएम अनिल कुमार चन्याल की अध्यक्षता में हुई बैठक में तांगों के संचालन पर प्रतिबंध लगाने के निर्देशों से अवगत कराया गया। एसडीएम ने आगामी 15 दिसंबर से क्षेत्र में तांगों के संचालन पर पूर्णतया रोक के निर्देश दिए। बताया कि अब क्षेत्र में तांगों की जगह मैजिक, टुकटुक ही संचालित होंगे।
सीओ राजन सिंह रौतेला ने बताया कि तांगा चालकों को अपनी व्यवस्था करने को सवा माह का समय दिया गया है। पशु क्रूरता के अलावा क्षेत्र में आए दिन तांगों से अव्यवस्था फैलने, सवारियों से लूटपाट की शिकायतों के बाद प्रशासन के सख्त फैसले का आमजन ने स्वागत किया है। थानाध्यक्ष मनीष खत्री ने संचालन किया। वहां एलआईयू प्रभारी भाष्कर बडोला समेत तांगा चालक भी थे।