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गैर हाजिरी पर सर्जन का करेंगे जवाब-तलब

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चंपावत जिला अस्पताल के सर्जन डॉ. राहुल चौहान के इस्तीफे के विरोध में प्रदर्शन करते सपा कार्यकर्त? - फोटो : CHAMPAWAT
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चंपावत। जिला अस्पताल के पीएमएस डॉ. आरके जोशी ने बताया कि तीन साल के बांड में तैनात सर्जन डॉ. राहुल चौहान का इस्तीफा मिल गया है। इस्तीफे में वेतन मिलने में हो रही देरी को कारण बताया गया है। डॉ. चौहान ने जिला अस्पताल में इस साल 18 जून को कार्यभार ग्रहण किया था। पीएमएस ने बताया कि 9 सितंबर को निदेशालय से बजट मिलने के बाद जून से अगस्त तक का वेतन अवमुक्त करने के लिए कोषागार में भेज दिया गया था।
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सोमवार तक सर्जन के अस्पताल नहीं आने पर उनका जवाब -तलब किया जाएगा। फिर भी अस्पताल में उपस्थित नहीं होने पर गैर हाजिरी की जानकारी स्वास्थ्य महानिदेशक के अलावा श्रीनगर मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य को भेजी जाएगी। बता दें कि जिला अस्पताल में तैनात सर्जन डॉ. राहुल चौहान ने वेतन में हो रही देरी के चलते इस्तीफा देने के बाद 10 सितंबर से एकाएक अस्पताल जाना बंद कर दिया था। सूत्र बताते हैं कि उनके इस्तीफा की बड़ी वजह अस्पताल से अपेक्षित सहयोग नहीं मिलना था। सिर्फ 84 दिन में उन्होंने 55 ऑपरेशन कर मरीजों की सेवा की। जिला अस्पताल को छोड़ने के बाद वह लोहाघाट के एक निजी अस्पताल में काम कर रहे हैं।
किसी अन्य डॉक्टर ने नहीं दिया है इस्तीफा
चंपावत जिला अस्पताल से सर्जन ने इस्तीफा दिया है। पीएमएस डॉ. आरके जोशी ने कहा कि सर्जन के अलावा किसी अन्य डॉक्टर ने इस्तीफा नहीं दिया है। कुछ जगह स्त्रीरोग विशेषज्ञ डॉ. मोनिका के इस्तीफे की चर्चा थी, जिसे पीएमएस ने खारिज किया। बताया कि डॉ. मोनिका 28 अगस्त से 180 दिनों के मातृत्व अवकाश पर है।
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कोट
जिला अस्पताल में सर्जन डॉ. राहुल चौहान ने शानदार काम किया है। उनकी इस उम्दा सेवा के लिए उन्हें प्रोत्साहित करने का निजी स्तर पर भी प्रयास किया। इसके बावजूद वे किन परिस्थितियों में अस्पताल छोड़ने को मजबूर हुए इसका पता लगाया जाएगा। साथ ही क्षेत्र के हित में डॉ. चौहान से इस्तीफा वापस लेने का वे आग्रह करेंगे।
कैलाश गहतोड़ी, विधायक, चंपावत।
सर्जन के त्यागपत्र पर सपा ने किया प्रदर्शन
चंपावत। जिला अस्पताल के सर्जन डॉ. राहुल चौहान के इस्तीफे को समाजवादी पार्टी ने क्षेत्र के लिए नुकसानदायक बताया। कहा कि सिर्फ पौने तीन महीने में शानदार सेवा देने के चलते गरीब और आम वर्ग में वह काफी लोकप्रिय हो गए। पार्टी ने उनके इस्तीफे को अस्पताल की राजनीति का नतीजा बताते हुए प्रदर्शन किया।
उन्होंने इस्तीफा वापस दिलवाने के लिए जन प्रतिनिधियों से पहल करने का आग्रह किया। सपा जिलाध्यक्ष एलएम भट्ट के नेतृत्व में हुए प्रदर्शन करने वालों में दिग्विजय कार्की, देवेश पंत, अमरनाथ, सुनील कुमार, अनिल कुमार, वीरेंद्र सिंह, राजू आदि शामिल थे।
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