भारत-तिब्बत अंतरराष्ट्रीय स्थल व्यापार में हिस्सा लेने के इच्छुक 128 व्यापारियों ने अब तक ट्रेड परमिट के लिए आवेदनपत्र जमा कर लिए हैं। इस बार तहसील प्रशासन के पास 264 ट्रेड परमिट उपलब्ध हैं। यदि जरूरत पड़ी तो ट्रेड परमिट और मंगाए जाएंगे। ट्रेड परमिट प्राप्त करने के लिए आवेदन पत्र जमा करने की अंतिम तिथि एक जून तय की गई है।
ट्रेड सहायक पीएस कुटियाल ने बताया कि इस बार सीमांत के व्यापारी समय पर आवेदन पत्र जमा करने लगे हैं। इससे उम्मीद है कि जून प्रथम सप्ताह तक सभी व्यापारियों को ट्रेड परमिट जारी हो जाएंगे। उन्होंने कहा कि आवेदन पत्र जमा करने की प्रक्रिया लगातार जारी है। यह भी बताया कि आवेदन पत्रों की कोई संख्या तय नहीं की गई है। यदि ज्यादा आवेदनपत्र आते हैं तो ट्रेड परमिट और मंगा लिए जाएंगे।
इस बीच भारत-तिब्बत व्यापार समिति के अध्यक्ष जीवन सिंह रौंकली ने एसडीएम को ज्ञापन देकर कहा है कि इस बार भारतीय ट्रेड अधिकारी को तिब्बत की मंडी तकलाकोट भेजा जाए ताकि वहां पर व्यापारियों को होने वाली दिक्कतों का प्रशासनिक तौर पर अध्ययन हो सके।
ज्ञापन में कहा गया है कि 1992 में जब भारत तिब्बत व्यापार फिर से खुला था उस समय भारतीय ट्रेड अधिकारी ने तकलाकोट का दौरा किया था। उसके बाद किसी भी अधिकारी को तकलाकोट नहीं भेजा गया है। जबकि अब व्यापारियों के सामने ज्यादा दिक्कतें आने लगी हैं।
उन्होंने ज्ञापन की प्रति विदेश मंत्रालय और वाणिज्य मंत्रालय को भी भेज दी हैं। श्री रौंकली ने कहा कि इस बार ट्रेड परमिट जारी करने की प्रक्रिया समय पर शुरू हो जाने का लाभ मिलेगा और व्यापारी जून में किसी भी समय तिब्बत की मंडी को रवाना हो जाएंगे। एसडीएम आरके पांडे ने कहा है कि तिब्बत की मंडी तक ट्रेड अधिकारी भेजने के संबंध में वह जिलाधिकारी से वार्ता करेंगे।