चंपावत। जिले के पांच कक्षाओं के छात्र-छात्राओं को एक भी पाठ्य पुस्तक अभी तक नहीं मिली हैं। अप्रैल से नए शिक्षा सत्र को हुए एक महीना बीत चुका है। जिले में मांग के अनुरूप कक्षा तीन, आठ, नौवीं, 11वीं और 12वीं के छात्र-छात्राओं को पुस्तकें नहीं मिलने से वह रोज खाली बस्ता ले जा रहे हैं। कुछ तो पुरानी किताबों से पढ़ाई कर रहे हैं। नामित फर्म अभी तक मांग के सापेक्ष करीब 40 फीसदी पुस्तकें ही उपलब्ध करा पाई है।
जिले में कक्षा एक से लेकर इंटर तक 247671 पुस्तकों की जरूरत है। वर्तमान तक 64030 पुस्तकें ही प्राप्त हुई हैं। अभी भी 183641 किताबों आनी शेष हैं। प्राप्त पुस्तकों में से 62456 बांटी जा चुकी हैं जबकि 1574 बांटी जानी हैं।
कक्षा एक से पांचवीं में 42211 के सापेक्ष 28095 पुस्तकों की आपूर्ति की गई है। इसमें से 28067 पुस्तकें वितरित की गई हैं। तीसरी कक्षा में 9610 डिमांड के सापेक्ष एक भी पुस्तक उपलब्ध नहीं हुई है। कक्षा छह से आठ तक में 77742 पुस्तकों के सापेक्ष 32913 पुस्तकों की आपूर्ति की गई है।
आठवीं कक्षा में 27037 पुस्तकों की मांग के सापेक्ष एक भी पुस्तक नहीं दी मिली है। कक्षा नौ से 12वीं तक में 127718 पुस्तकों के सापेक्ष 3012 पुस्तकें ही उपलब्ध कराई गई हैं। कक्षा नौ में 34075 के सापेक्ष, 11वीं में 34712 के सापेक्ष और 12वीं में 28868 के सापेक्ष एक पुस्तक नहीं मिली है। 10वीं में 30063 पुस्तकों की मांग के सापेक्ष 3022 पुस्तकों की आपूर्ति की गई है। इसमें 1502 पुस्तकें ही वितरित की गई हैं।
कोट
जिले के विद्यालयों में 247671 डिमांड के सापेक्ष नौ मई तक फर्मोें की ओर से 64030 पुस्तकों की आपूर्ति की गई है। इसमें 62456 पुस्तकों का वितरण कर लिया गया है। मांग के सापेक्ष प्रकाशन फर्मों से आपूर्ति की जा रही है। जल्द ही छूटी कक्षाओं के विद्यार्थियों को पुस्तकें मिलने के बाद वितरित की जाएंगी। - कैलाश नाथ महंत, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी, समग्र शिक्षा चंपावत।