राजकीय पीजी कॉलेज की तमाम समस्याओं को लेकर छात्र संघ ने सोमवार से आंदोलन शुरू कर दिया है। पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार छात्र संघ पदाधिकारियों ने बेमियादी अनशन शुरू कर दिया है। आंदोलनकारियों ने मांगें पूरी न किए जाने तक आंदोलन पर डटे रहने का ऐलान किया है।
कॉलेज परिसर में छात्र नेताओं ने उच्च शिक्षा मंत्री पर वादाखिलाफी का आरोप लगाया। उनका कहना था कि कालेज खुले दो दशक से अधिक समय बीत गया है, लेकिन अभी तक यहां महत्वपूर्ण विषयों का अभाव बना हुआ है। एमएससी, एमकॉम, पीजी में इतिहास, अंग्रेजी, हिंदी और समाज शास्त्र विषय खोलने की मांग लंबे समय से की जा रही है। जिसे अभी तक पूरा नहीं किया जा सका है। इन विषयों के नहीं होने से छात्र छात्राओं को पढ़ाई के लिए दूसरे कालेज में दाखिला लेना मजबूरी बन गया है।
आंदोलनरत छात्र नेताओं का कहना था कि बीते वर्ष कॉलेज के वार्षिकोत्सव के दौरान उच्च शिक्षामंत्री धन सिंह रावत ने तीन माह के भीतर सभी जरूरी विषयों की स्वीकृति प्रदान करने का आश्वासन दिया था। लेकिन दस महीने बीतने के बाद भी घोषणा पूरी नहीं हो सकी है। छात्रसंघ अध्यक्ष नाथ सिंह बोहरा के नेतृत्व में संयुक्त सचिव प्रकाश सिंह बोहरा, नीरज पांडेय, बॉबी गर्ब्याल, मोहित गड़कोटी, रोहित कार्की, अंकित रावत, अमित चौधरी, संदीप बोहरा, राहुल, बसंत जोशी, लता रावत, किरन बोहरा, अनिकेत महर, नीरज चौधरी, उमेश, दीपक कुमार, गणेश नाथ, देवेंद्र गिरी, नीरज रंसवाल, योगेश गिरी, विवेक पनेरु, अनिल ऐरी क्रमिक अनशन पर बैठे।