पीपीपी मोड अस्पताल के हड़ताली डॉक्टरों एवं अन्य कर्मचारियों का नवंबर का वेतन उनके खाते में आ गया है, लेकिन वह 16वें दिन भी कार्य बहिष्कार पर डटे रहे। उनका कहना है कि गत वर्ष फरवरी तक उन्हें समय से वेतन मिला करता था। जब से यूनिट हेड के नाम पर सर्जन डा.रवि सिन्हा आए हैं, व्यवस्था बिगड़ गई है। कर्मचारी इस बात पर अड़े हुए हैं कि डा.सिन्हा को यूनिट हेड के पद से हटाने के साथ इन्हें अन्यत्र भेजा जाए। कर्मचारियों का यह भी आरोप है कि यूनिट हेड गत वर्ष होली में कर्मचारियों के लिए आए उपहारों पर भी कुंडली मारे बैठे हैं।
सीएमएस डा.मंजीत सिंह ने कर्मचारियों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन वह नहीं माने। उनका कहना है कि यूनिट हेड को हटाए बगैर वे काम पर नहीं लौटेंगे। संजीव जोशी के नेतृत्व में कर्मचारियों की शुक्रवार की कई दौर की वार्ताएं हुई, लेकिन कोई हल नहीं निकला। कर्मचारियों का कहना है कि यूनिट हेड ने 14 जनवरी तक दोनों महीनों का वेतन न मिलने पर अपने पद से त्यागपत्र देने का लिखित आश्वासन दिया था, अब वे उससे मुकर रहे हैं। राजेश जोशी, मनोज जोशी, नवीन, ज्योत्सना, गीता, लक्ष्मी, मीनाक्षी, कमला, राजेश चंद्र, केदार सिंह, प्रकाश जोशी, मुकेश कुमार, जीवन सुतेड़ी, संजीव, संदीप, राहुल आदि का कहना था कि वे यूनिट हेड के अधीन काम करने को बिल्कुल तैयार नहीं हैं।