चंपावत/लोहाघाट। पर्वतीय राजस्व निरीक्षक, राजस्व उप निरीक्षक एवं राजस्व सेवक संघ की चार सूत्री मांगों के लिए बेमियादी कलमबंद हड़ताल सोमवार को पांचवें दिन भी जारी रही। राजस्व कर्मियों ने मांगों के समर्थन में जोरदार नारेबाजी कर प्रदर्शन किया। राजस्व कर्मियों की हड़ताल के कारण आम जनता को परेशानी होने लगी है।
चंपावत में जिलाध्यक्ष पुष्कर नाथ गोस्वामी की अध्यक्षता में धरना दिया गया। इसमें राजस्व निरीक्षक, रजिस्ट्रार कानूनगो के पदों को एकीकृत न करने, समान कार्य के लिए समान वेतन, समान संसाधन दिलाने, राजस्व निरीक्षक प्रशिक्षण, राजस्व निरीक्षक क्षेत्रों का पुनर्गठन किए जाने, राजस्व निरीक्षक सेवा नियमावली बनाने, उच्चीकृत वेतनमान का लाभ दिलाने की मांग की गई।
इस दौरान तहसील क्षेत्र अध्यक्ष राजीव मेहरा, विजय सिंह भंडारी, छत्र सिह बोहरा, मोहित सिंह मेहता, कुसुम गहतोड़ी, अनुज उप्रेती, अमित सीपाल, हीराबल्लभ जोशी आदि रहे।
लोहाघाट में हड़ताल के चलते लोगों के विभिन्न प्रमाणपत्र बनाने समेत जमीन संबंधी काम प्रभावित होने लगे हैं। इससे उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। तहसील परिसर पर राजस्व निरीक्षक महेंद्र सिंह चौड़िया के नेतृत्व में सुरेश राम, ईश्वरी राम, नारायण दत्त जोशी, सुनील मेहरा, राजेंद्र नाथ गोस्वामी, छतर सिंह बोहरा आदि रहे।
राजस्व कर्मियों की कलमबंद हड़ताल से जनता परेशान
पिथौरागढ़। जिले के राजस्व कर्मी चार सूत्री मांगों के लिए सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। उन्होंने कहा कि मांगें पूरी होने तक बेमियादी कलमबंद हड़ताल जारी रहेगी।
पर्वतीय राजस्व निरीक्षक, राजस्व उपनिरीक्षक एवं राजस्व सेवक संघ के जिलाध्यक्ष विजय पंत के नेतृत्व में कर्मियों ने सोमवार को धरना स्थल टकाना में सरकार के खिलाफ नारे लगाए। कर्मचारियों ने राजस्व निरीक्षक और रजिस्ट्रार कानूनगो के पदों का एकीकरण करने पर नाराजगी जताई।
उन्होंने कहा कि राजस्व निरीक्षक और रजिस्ट्रार कानूनगो के पदों का एकीकृत न करने, समान कार्य के लिए समान वेतन, संसाधन दिलाने, 16वें बैच के राजस्व निरीक्षक प्रशिक्षण, राजस्व निरीक्षक क्षेत्रों के पुनर्गठन, संवर्गीय कर्मियों को उच्चीकृत वेतनमान का लाभ दिलाने की मांग की है।
इस दौरान सूर्यप्रकाश पांडेय, मनोज मेहता, विपिन पाठक, उदय सिंह भंडारी, प्रकाश कापड़ी, शंकर दत्त कापड़ी, सुरेंद्र धामी, प्रदीप जोशी आदि रहे। वहीं बेड़ीनाग, गंगोलीहाट, मुनस्यारी में राजस्व कर्मियों ने सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया।