नेशनल ग्रीन ट्रिब्यून (एनजीटी) के आदेशों के उल्लंघन के चलते अमोड़ी में डिग्री कॉलेज भवन के निर्माण पर रोक लगा दी गई है। स्थानीय लोगों की शिकायत पर एसडीएम सदर सीमा विश्वकर्मा के नेतृत्व में ने निर्माणाधीन कॉलेज भवन का निरीक्षण किया। एसडीएम ने बताया कि जिस भूमि पर कॉलेज का निर्माण किया जा रहा है, वह मानकों के अनुरूप नहीं है।
इसके अलावा निर्माण कार्य में कई अनियमितताएं बरती जा रही हैं। इस कारण निर्माण कार्य में रोक लगा दी गई है। उन्होंने बताया कि एनजीटी के आदेशों के अनुसार कोई भी निर्माण कार्य नदी से सौ मीटर दूर करना जरूरी है। नापतौल करने पर कॉलेज का निर्माण नदी के सौ मीटर के दायरे में किया जा रहा था।
उन्होंने बताया कि स्थल का मुआयना और नापजोख करने के बाद निर्माण कार्य में तुरंत रोक लगाने के निर्देश दिए गए हैं। निरीक्षण दल में आपदा प्रबंधन अधिकारी मनोज पांडेय, राजस्व निरीक्षक जगदीश गिरी, सुंदर नेगी, हरीश जोशी आदि शामिल रहे। बता दें कि डिग्री कॉलेज के निर्माण के लिए अमोड़ी में चयन की गई भूमि पर तत्कालीन तहसीलदार अरुण कुमार ने आपत्ति जताई थी। उस समय भी आपत्ति का कारण भूमि का नदी के सौ मीटर के दायरे में होना था, लेकिन राजनीतिक दबाव के चलते कॉलेज निर्माण के लिए प्रस्तावित भूमि को स्वीकृति दे दी गई थी, जो कि एनजीटी के आदेशों के खिलाफ लिया गया फैसला था।
अमोड़ी-खटोली सड़क के निर्माण पर भी लगाई रोक
एसडीएम सदर सीमा विश्वकर्मा के औचक निरीक्षण में पीएमजीएसवाई से निर्माणाधीन सड़क पर भी रोक लगा दी गई है। एसडीएम ने बताया कि एनएच के ठीक नीचे अमोड़ी-खटोली सड़क का निर्माण किया जा रहा है। सड़क निर्माण के लिए एनएच के नीचे से भूमि को काटा जा रहा है। इससे एनएच पर लगातार भूस्खलन होने से दुर्घटना होने की आशंका बन रही है और सड़क को भी नुकसान हो रहा है। इसके कारण अमोड़ी-खटोली सड़क निर्माण में भी रोक लगाने के आदेश दिए गए हैं।