परियोजना निदेशक (पीडी) केएन तिवारी ने समन्वित सहकारिता विकास योजना (आईसीडीपी) से वित्तपोषित शीतला फल संरक्षण सहकारी समिति का निरीक्षण किया। इस समिति द्वारा आईसीडीपी से 15 लाख रुपये का कर्ज लिया गया था। पीडी ने समिति के अभिलेखों एवं भंडारण को भी देखा। कहा कि समिति द्वारा किसी भी प्रकार का सरकारी धन का दुरुपयोग नहीं किया है। अलबत्ता उपलब्ध मशीनरी और सामान को स्टॉक रजिस्टर में कायदे से अंकित नहीं किए गए थे।
पिछले दिनों जिला स्तरीय बैठक में कहा गया कि समिति द्वारा लिए गए ऋण का दुरुपयोग किया गया है तथा समिति संसाधन विहीन है, मगर निरीक्षण में सामने आई तस्वीर एकदम अलग थी। लोगों का कहना था कि समिति के जरिए उन्हें रोजगार मिलने के साथ ही उनके फलों की भी स्थानीय स्तर पर खपत होती है। जिला सहायक निबंधक पीएस राणा ने कहा कि समिति के जरिए और रोजगार के अवसर पैदा कराए जाएंगे। इस अवसर पर आईसीडीपी के लेखाकार प्रमोद मेवाड़ी भी मौजूद थे।