पुलहिंडोला में निर्माणाधीन मिनी ट्यूबवेल के बंद काम को शीघ्र शुरू करने की मांग को लेकर ग्रामीणों ने भूख हड़ताल शुरू कर दी है। पहले दिन क्षेत्र के पांच लोग भूख हड़ताल पर बैठे। शासन से बजट नहीं मिलने से मिनी ट्यूबवेल के पंपसेट नहीं आ पा रहे हैं। रविवार को पुलहिंडोला बाजार में आन सिंह भंडारी के आवास प्रांगण में जारी धरने में दान सिंह भंडारी, नकुल पंत, मोहन सिंह भंडारी, पूरन राम और माधो सिंह भूख हड़ताल पर बैठे।
2014 में क्षेत्र की पेयजल समस्या को देखते हुए यहां 1.27 करोड़ रुपये लागत से मिनी ट्यूबवेल स्वीकृत किया गया था। चार वर्ष के दौरान काफी धीमी गति से कार्य किया गया, जिसमें पाइप लाइन बिछाने, टैंक बनाने आदि का कार्य किया गया। जिसके बाद बजट समाप्त होने पर काम पांच महीनों से ठप पड़ा हुआ है। ग्रामीणों का कहना है कि योजना को चालू करने के लिए कई बार बजट अवमुक्त करने की मांग की गई, लेकिन ग्रामीणों की मांगों को अनसुना किया गया।
ग्रामीणों का कहना है कि जब तक उनकी मांग पूरी नहीं होगी, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। केदार जोशी, आन सिंह भंडारी, महेश लाल, गिरीश जोशी, महेश जोशी आदि ग्रामीणों ने आंदोलन को समर्थन दिया। सोमवार को मातृ शक्ति भूख हड़ताल की जाएगी। सोमवार को ईश्वरी देवी, सुशीला देवी, केशवी देवी, शांति देवी, नंदा भंडारी, हेमा, भावना और नेहा भूख हड़ताल में बैठेंगी। गौरतलब है कि पुलहिंडोला में एक भी सरकारी योजना नहीं है। यहां के लोग इक्का-दुक्का हैंडपंपों पर आश्रित हैं।
संघर्ष समिति का गठन हुआ
पुलहिंडोला में पेयजल योजना संघर्ष समिति का गठन किया गया। सर्वसम्मति से सामाजिक कार्यकर्ता आन सिंह भंडारी को अध्यक्ष चुना गया। महेश वर्मा उपाध्यक्ष, दान सिंह भंडारी संयोजक, नकुल पंत महासचिव, पूरन राम कोषाध्यक्ष के अलावा हेमा भंडारी, नेहा जोशी, सुशीला जोशी, अजय जोशी, ईश्ववरी देवी, केदार दत्त जोशी, दीपक पंत, अंकित पांडेय, सोनू ओली, नरेश पांडेय, को कार्यकारिणी का सदस्य चुना गया है।