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किसानों को सब्सिडी देने के नाम पर हो रहा ‘खेल’

Thu, 15 Jun 2017 10:36 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो चंपावत
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सीडीओ से किसानों के साथ हो रहे खेल की की जांच करने की मांग करते ब्लाक प्रमुख - फोटो : अमर उजाला
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चंपावत।जिले में कृषि विभाग की ओर से किसानों को सब्सिडी देने के नाम पर ‘खेल’ किया जा रहा है। विभाग की तरफ से किसानों को सिंचाई सुविधा के लिए पचास फीसदी सब्सिडी में उपलब्ध कराए जा रहे प्लास्टिक पाइप खुले बाजार की अपेक्षा दोगुने दामों पर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इस गोरखधंधे का खुलासा उस समय हुआ जब लोहाघाट के ब्लॉक प्रमुख योगेश मेहता ने अपने निजी प्रयोग के लिए खुले बाजार से पाइप खरीदा। बृहस्पतिवार को ब्लॉक प्रमुख ने इस मामले को मुख्य विकास अधिकारी हरगोविंद भट्ट के समक्ष उठाया। मामले की गंभीरता को देखते हुए सीडीओ ने तत्काल मुख्य कृषि अधिकारी आरएल चंद्रावल को अपने कार्यालय में तलब किया।
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ब्लॉक प्रमुख ने बताया कि कृषि विभाग की ओर से किसानों को दिए जा पाइप की खुले बाजार में कीमत 21 रुपये प्रति मीटर है, लेकिन विभाग की ओर से वही पाइप 41 रुपये प्रति मीटर की दर से पंजीकृत सप्लायर से क्रय की जा रही है और इसी दर पर किसानों को यह पाइप उपलब्ध कराए जा रहे हैं। हालांकि बाद में पाइप की सब्सिडी (21 रुपये) खाते में आ जाती है, लेकिन पाइप खरीदते समय किसानों को पूरा दाम चुकाने पड़ रहे हैं। ब्लॉक प्रमुख अपने साथ सब्सिडी वाला पाइप और खुले बाजार में उपलब्ध पाइप के नमूने लेकर आए थे। इस पर सीडीओ ने मुख्य कृषि अधिकारी का स्पष्टीकरण तलब किया तो मुख्य कृषि अधिकारी कोई सफाई नहीं दे सके और उन्होंने स्वीकार किया कि मामले में लिपिकीय गलती के कारण अनियमितता प्रकाश में आई है। ब्लॉक प्रमुख का कहना है कि किसानों को सब्सिडी देने के नाम पर गुमराह किया जा रहा है। उनका कहना है कि यदि बाजार में 21 रुपये प्रति मीटर की दर से पाइप उपलब्ध है तो सब्सिडी के बाद किसानों को पाइप 10-11 रुपये प्रति मीटर में उपलब्ध कराया जा सकता है।


सीडीओ ने पाइपों की गुणवत्ता की जांच के निर्देश दिए 
चंपावत। ब्लॉक प्रमुख की शिकायत पर सीडीओ एचजी भट्ट ने सब्सिडी में उपलब्ध कराए जा रहे पाइपों और बाजार में उपलब्ध पाइपों की गुणवत्ता की जांच के निर्देश दिए हैं। उन्होंने मुख्य कृषि अधिकारी को जल निगम के अभियंताओं से पाइप की गुणवत्ता और मजबूती के संबंध में जांच कराने के निर्देश दिए हैं। उनका कहना है कि यदि जांच में किसी प्रकार की कमी पाई जाती है तो संबंधित सप्लायर फर्म पर कार्रवाई करते हुए उसे काली सूची में डालकर वसूली की जाएगी।
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अब बीडीसी बैठक में प्रस्ताव पारित किया जाएगा
चंपावत। लोहाघाट के ब्लॉक प्रमुख योगेश मेहता का कहना है कि किसानों को सब्सिडी के नाम पर अब और अधिक गुमराह नहीं होने दिया जाएगा। ब्लॉक की अगली बीडीसी बैठक में किसानों को खुले बाजार से ही पाइप लेने संबंधी प्रस्ताव पारित किया जाएगा।
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