सात साल बाद अपने घर लौटे रैघांव के प्रकाश को तिलक लगाकर प्यार करतीं मां बचुली देवी।
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बाराकोट विकासखंड के रैघांव गांव का एक युवक प्रताप सात साल बाद सुरक्षित घर लौटा है। फेसबुक के जरिए युवक के हरिद्वार होने की जानकारी मिली और फिर पुलिस की मदद से युवक की घर वापसी हो सकी। कृष्ण जन्माष्टमी की पूर्व संध्या पर बृहस्पतिवार को प्रताप के पहुंचने पर घर में खुशी का माहौल है। वहीं प्रताप से मिलने को गांव के लोग भी काफी संख्या में आ रहे हैं।
रैघांव के शिक्षक शंकर अधिकारी ने बताया कि उनका भतीजा प्रताप सिंह 2012 में इंटर की परीक्षा देने के बाद घर से कहीं चला गया था। काफी खोजबीन के बाद भी उसका पता नहीं चला।
पिता त्रिलोक सिंह, मां बचुली देवी और भाई बसंत सिंह ने प्रताप की कई जगह खोज की। देव डांगरों से लेकर रिश्तेदारों तक संपर्क बनाया लेकिन कोई कामयाबी नहीं मिली। शंकर ने बताया कि आठ दिन पूर्व प्रताप ने फेसबुक पर अपनी फोटो अपलोड की जिसे परिजनों ने पहचान लिया और उसकी खोजबीन शुरू कर दी।
परिजनों ने एसपी को आपबीती सुनाई। एसपी धीरेंद्र गुंज्याल ने प्रताप का मोबाइल नंबर सर्विलांस पर लगाया तो उसकी लोकेशन हरिद्वार में मिली। हरिद्वार पहुंचने पर पता चला कि प्रताप एक प्राइवेट कंपनी में काम करता है।
फोटो दिखाने पर कंपनी के उसके साथी अनुज पाल, शक्ति, आशीष पाल, सुमित पंडित आदि परिजनों को प्रताप के कमरे में ले गए। एकाएक कमरे में पहुंचे माता-पिता और चाचा को देख प्रकाश की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। वह उनके साथ घर लौट आया जहां उसकी आरती उतारकर मिठाई बांटी गई।
मन नहीं लगने से घर से चल दिया था प्रताप
ोहाघाट (चंपावत)। प्रताप का कहना है कि घर में मन नहीं लगने से वह 2012 में हरिद्वार चला गया था। थोड़ा प्रयास करने पर निजी कंपनी में काम मिल गया। परिजन बताते हैं कि प्रताप ने घर से जाने के एक साल के बीच कई बार संपर्क किया लेकिन छह साल से उनके पास न प्रताप का मोबाइल नंबर था और न ही किसी तरह की कोई जानकारी।