प्रशासन और चिकित्सा विभाग की टीम ने बृहस्पतिवार को शहर के अस्पतालों में छापा मारकर अल्ट्रासाउंड मशीनों की जांच की। छापे में एक निजी अस्पताल में सात साल पहले प्रशासन द्वारा सीज की गई अल्ट्रासाउंड मशीन और कक्ष न सिर्फ खुला मिला, बल्कि अल्ट्रासाउंड मशीन भी गायब मिली। पूछने पर पता चला कि अल्ट्रासाउंड मशीन बेच दी गई है। अब जिलाधिकारी को रिपोर्ट भेजकर उक्त अस्पताल के खिलाफ कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।
अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी रश्मि पंत ने एसडीएम अनिल चन्याल के साथ शहर के आलोक क्लीनिक, ओम क्लीनिक के साथ ही संयुक्त चिकित्सालय और पशु चिकित्सालय में अल्ट्रासाउंड मशीनों का निरीक्षण किया। अपर मुख्य चिकित्साधिकारी पंत ने बताया कि ओम क्लीनिक का वर्ष 2010 में प्रशासन द्वारा सीज किया गया अल्ट्रासाउंड कक्ष खुला मिला और कक्ष में अल्ट्रासाउंड मशीन नहीं पाई गई। क्लीनिक संचालक से पूछने पर बताया गया कि अल्ट्रासाउंड मशीन बेच दी गई है। इतना ही नहीं सरकारी सेवा में कार्यरत चल्थी आयुर्वेदिक चिकित्सालय के चिकित्साधिकारी डा. सुरेश कश्यप ड्यूटी में न होकर इस क्लीनिक में मौजूद मिले। अपर मुख्य चिकित्साधिकारी ने बताया कि छापे की कार्रवाई की रिपोर्ट जिलाधिकारी का सौंपी जाएगी। जिलाधिकारी के संस्तुति पर अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।