बारिश से आपदा को लेकर लोग खासे चिंतित हैं। पूर्णागिरि मार्ग में फिर मलबा आने की आशंका बनी हुई है। बाटनागाड़ नाले का पानी तेज रफ्तार में बूम की ओर बहने से बूम क्षेत्र भी खतरे की जद में है। प्रशासन भी आपदा की स्थिति से निपटने के लिए सतर्क है। एनएचपीसी ने रेड अलर्ट जारी कर लोगों से नदी, पावर चैनल की ओर न जाने की हिदायत दी है।
बरसात के मौसम में टनकपुर, बनबसा क्षेत्र में बाढ़, भू-कटाव का खतरा बना रहता है। मां पूर्णागिरि धाम मार्ग में बसे गांवों के साथ ही छीनीगोठ, सैलानीगोठ नईबस्ती, पर्वतीय क्षेत्र में बरसाती नदी नाले खासी तबाही मचाते हैं। मौसम विभाग ने तीन दिन तक बारिश बताई है।
बावजूद इसके पूर्णागिरि के दर्शन को आने वाले यात्रियों की आवाजाही लगातार जारी है। प्रशासन आपदा की स्थिति से निपटने के लिए सतर्क है। एसडीएम नरेश दुर्गापाल ने बताया कि आपदा प्रबंधन की टीमें कंट्रोल रूम के संपर्क में रहते हुए मौसम, अपने सेक्टर में बराबर नजर रखे हुए हैं।
उन्होंने बताया कि बाटनागाड़ में मलबा आने पर मार्ग को जल्दी खुलवाने के इंतजाम किए गए हैं। इसके लिए लोनिवि की टीम को जेसीबी मशीन के साथ मौके पर तैनात किया गया है।
मंगलवार को दिनभर होती रही रिमझिम बारिश से जहां मौसम सुहाना बना रहा, वहीं आम जनजीवन भी अस्त-व्यस्त रहा।
सोमवार की रात से लगातार जारी बारिश के कारण केंद्रीय विद्यालय के बच्चों को स्कूल जाने-आने में खासी परेशानी हुई। मार्गों में जलभराव से लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा।