संगरून गांव में सात घरों में घुसा मलबा
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जिले के सीमांत संगरून गांव में शुक्रवार रात भारी बारिश से सात घरों में मलबा घुस गया। हादसे में दो गायें घायल हो गई। जानमाल का किसी प्रकार का नुकसान नहीं हुआ। घटना की सूचना मिलते ही एसएसबी की सीम चौकी के अधिकारी और जवान तत्काल मौके पर पहुंच गए और उन्होंने ग्रामीणों के सहयोग से रेस्क्यू अभियान चलाया। एसएसबी जवानों ने घरों में घुसे मलबे को साफ किया। सीम चौकी के उप निरीक्षक के नेतृत्व में जवानों ने हीरा सिंह, जगत सिंह, दयाल सिंह, सूरज सिंह, हयात सिंह, राजवीर सिंह और प्रहलाद सिंह के घरों का मलबा साफ किया। इस दौरान हीरा सिंह और दयाल सिंह की एक एक दुधारू गायें चोटिल हो गई। एसएसबी के कार्यवाहक कमांडेंट सोनम छैरिंग, उप कमांडेंट राजीव भट्ट ने सीमांत खेत और सीम चौकी के जवानों को ग्रामीणों की हरसंभव मदद करने का निर्देश दिया गया है।
मलबा आने से तीन मार्ग बंद
बारिश के कारण जिले के तीन सड़कों पर मलबा आने से बंद हो गई। जिला आपदा परिचालन केंद्र से मिली जानकारी के अनुसार मलबा आने से धौन-सल्ली, खटोली मल्ली और रीठासाहिब-ढोलीगांव सड़क अवरुद्ध चल रही है। सड़कों को खोलने के लिए युद्ध स्तर पर कार्य किया जा रहा है। सभी स्थानों पर जेसीबी के जरिए मलबा हटाया जा रहा है।
दैवी आपदा से हुई क्षति के मुआवजे की मांग
सीमांत क्षेत्र में बीते दस दिनों में बारिश के कारण रियांसी बमनगांव के तोक सीम में भूस्खलन से भारी क्षति पहुंची है। सीम के ग्रामीणों और एसएसबी की पेयजल लाइन ध्वस्त हो गई है। सामाजिक कार्यकर्ता राकेश सिंह ने क्षेत्र में दैवी आपदा से हुई क्षति का सर्वे कराकर प्रभावितों को मुआवजा दिए जाने की मांग उठाई है। इस संबंध में उन्होंने डीएम के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा है।