चंपावत में नकदी की कमी नहीं है, लेकिन छोटे नोटों की किल्लत की वजह से लोगों की मुसीबत कम नहीं हो रही हैं। चंपावत में 2000 के नोटों को छोड़कर अन्य छोटे नोट नहीं होने से लोग परेशान हैं। एटीएम से भी 2000 रुपए से कम रकम नहीं मिल पा रहे हैं।
भारतीय स्टेट बैंक और पंजाब नेशनल बैंक के एटीएम में धन तो है, लेकिन सभी को इन एटीएम का लाभ नहीं मिल पा रहा है। 100 के नोट खत्म होने से 2000 रुपए से कम की रकम नहीं निकल सकती है। चंपावत को मिले 41.2 करोड़ रुपए में से 40 करोड़ रुपये (97.09 प्रतिशत) 2000 के नोट के रूप में हैं, जबकि 100 रुपए के नोट में (1 लाख नोट) महज 1 करोड़ रुपए तथा 20 के नोट (1 लाख नोट) मात्र 20 लाख रुपए है। 500 रुपए का एक भी नोट फिलहाल बैंकों में नहीं पहुंचा है।
पुराने नोटों को भेजने के लिए सुरक्षा की भी जरूरत
500, 1000 रुपए के पुराने नोट को भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) भेजना चुनौती बनी हुई। 10 नवंबर से दो सप्ताह में जिले के 56 बैंकों में करीब 1.49 अरब रुपए जमा हुए। इतनी बड़ी रकम को बैंकों में रखने के लिए सुरक्षित जगह नहीं है। वहीं अभी भी पुराने बंद नोटों को खातों में जमा करने का सिलसिला जारी है।
चंपावत जिले में 149 करोड़ रुपए जमा हुए हैं। इस रकम में से 78 करोड़ रुपए आरबीआई के कानपुर कार्यालय भेजे जा चुके हैं। बकाया 71 करोड़ रुपए की राशि अभी बैंकों में पड़ी है। बैंकों के सामने इतनी ज्यादा रकम को रखने के लिए पर्याप्त जगह नहीं है। यहीं नहीं भारी मात्रा में एक रुपए , 5 रुपए और 10 के सिक्कों के होने से भी परेशानी बढ़ हुई है।
जमा पुराने 500 और 1000 रुपए के नोटों को सुरक्षित रूप से आरबीआई भेजना बैंकों की जिम्मेदारी है। इस रकम को कानपुर भेजने के लिए सुरक्षा कर्मी की भी जरूरत है। इस वजह से अभी 71 करोड़ रुपए की रकम बैंकों में पड़ी है। सुरक्षा कर्मियों की व्यवस्था होने के बाद इस राशि को भेज दिया जाएगा।
आनंद सिंह रावत लीड बैंक अधिकारी, चंपावत।