पाटी में बैठकी होली की धूम मची हुई है। विभिन्न राग और फागों में होल्यार देर रात तक श्रोताओं का मनोरंजन करते रहे। मां बाराही सुगम संगीत समिति के तत्वावधान में सेवानिवृत्त प्रधानाचार्य केएन जोशी के आवास में हुई बैठकी होली में क्षेत्र के होल्यारों ने समां बांध दिया। कै.जोशी ने बिन दुनिया में यह जीवन है बेकार गीत से अपने भाव व्यक्त किए। वयोवृद्ध टीकाराम सोराड़ी ने राग काफी में यह कैसी नादानी पिया, मोरी अंखिया पिरानी, प्रधानाचार्य भगवती प्रसाद जोशी ने चदरिया झीनी रे झीनी गीत से सभी को भाव विभोर कर दिया।
राग धमार में आरसी भट्ट ने नंद नंदन मोरी बय्यां गहो ना संग की सहेली सब देख रही हैं, उन्होंने होली के क्रम को आगे बढ़ाते हुए राग काफी में कहा ऐसी करत बरजोरी कान्हा मोरी बय्यां मरोड़ी, राग सहाना में गिरीश जोशी ने कहा बंशी बजा के मोहना क्यों कर गया किनारा, मेजबान जोशी ने राग काफी में अबकी टेर हमारी राखो लाज गिरधारी, गोकुल भट्ट ने राग काफी में यह कैसी होली खिलाई, श्याम मोहरी चोरी लगाई गीत की प्रस्तुति की।
डा.घनश्याम शर्मा ने सिया रो रो के रथ में बिलखती रही गीत प्रस्तुत किया। तबले पर ताल गोकुल भट्ट, बीपी जोशी, सुरेश भट्ट ने ठोकी, जबकि देवकी, हेमा, कविता, मनोज भट्ट, शांति प्रसाद, बसंत टकवाल, मनीषा, दीपांशु जोशी, संजय, आयुष जोशी ने सुर में सुर मिलाया। इससे पहले पूर्व तहसीलदार भगीरथ सोराड़ी और कै.पीसी जोशी ने दीप जलाकर होली का शुभारंभ किया।