मीनाबाजार में होल्यार जगदीश खर्कवाल के आवास में हुई बैठकी होली में विभिन्न रागों में होली गीतों का गायन कर देर रात तक श्रोताओं को भक्ति भाव में सरोबार किए रखा। होली की शुरुआत कमल वर्मा ने राग काफी में गणपति को भज लीजै रसिक वो तो आदि कहावे गीत से की गई।
अधिशासी अभियंता एनके पंत ने राग बागेश्री में कहा जमुना के तीर मोहे बुलावे कान्हा एवं राग देश में प्रेम प्रीत के रंग बरसे जहां चले वृंदावन धाम की शानदार प्रस्तुति की। पीडी पुनेठा ने राग काफी में लाज राखो गिरधारी गीत प्रस्तुत किया। वहीं शिक्षक सुनील पांडेय ने जंगलाकाफी में सखि श्याम सुंदर जी से मोहे आज मिला दे की भावपूर्ण प्रस्तुति की।
प्रणव शर्मा ने राग कल्याण में बहतु दिनन के रूठे कन्हई को मैं होली में मना लाऊंगी। जगदीश खर्कवाल ने राग जंगला में कहा अब सांझ भई घर आओ लला, ललित पांडेय ने इसी राग में छोड़ चली रे सब काम धाम कैसी बंशी बजाई घनश्याम की प्रस्तुति दी। प्रधानाचार्य एचएन जोशी ने राग झिंझोटी में मां भगवती की आराधना करते हुए कहा ऊंचे भवन पर्वत बस रही अंत तेरा नहीं पाया, सुनील पांडेय ने राग भैरवी में नैना भर भर आए, पिया की याद सतावे गाकर वातावरण में गुदगुदी पैदा कर दी।
प्रमुख होल्यार नवीन उप्रेती ने रघुवर तुमको मेरी लाज, किरन जुकरिया ने चरण कमल वंदे हरिराई आदि गीतों से वातावरण को भक्तिभाव में डुबो दिया। तबले में संगत ओपीएस के प्रबंधक लोकेश पांडेय एवं होली विजडम के चेयरमैन संजय पंत, रमेश जोशी ने दी, जबकि टीएस अधिकारी, महेश जोशी, गिरीश गहतोड़ी, श्याम शुभम आदि ने सुर में सुर मिलाया।