चल्थी के पास रविवार तड़के पहाड़ी का मलबा गिरने से निर्माणाधीन बारहमासी सड़क साढ़े नौ घंटे बंद रही। इससे सुबह साढ़े पांच बजे खुलने वाला ककरालीगेट बैरियर आठ बजे खुल पाया। दोपहर करीब 11 बजे मलबा हटाने के बाद यातायात सुचारु हो सका। वहीं, मलबा गिरने से छह घंटे टनकपुर-चंपावत के बीच यातायात ठप रहा। नतीजतन यात्रियों को खासी परेशानी झेलनी पड़ी। कई यात्री समय पर गंतव्य तक नहीं पहुंच पाए। इस दौरान वहां खड़ी पोकलैंड मशीन मलबे में दब गई।
रविवार तड़के करीब डेढ़ बजे चल्थी के पास पहाड़ी से भारी मलबा गिरा। इससे वहां खड़ी पोकलैंड मशीन मलबे में दबकर क्षतिग्रस्त हुई है। मलबे से सड़क बंद होने की सूचना पर पुलिस ने टनकपुर-चंपावत राजमार्ग का ककरालीगेट का बैरियर सुबह आठ बजे तक बंद रखकर वाहनों को रोके रखा। वहीं चंपावत से आने वाहनों को भी चल्थी बैरियर पर रोका गया। इससे यात्रियों को बैरियर पर ही मार्ग खुलने का घंटों तक इंतजार करना पड़ा। ककरालीगेट में वाहनों की लंबी कतार लग गई। मशीनों से मलबा हटाने का काम युद्धस्तर पर चलने की सूचना के बाद पुलिस ने आठ बजे बैरियर खोला, लेकिन मार्ग नहीं खुलने से वाहन फिर सूखीढांग में रोक दिए गए। चल्थी चौकी इंचार्ज पी विश्वकर्मा ने बताया कि पूर्वान्ह 11 बजे मलबा हटाकर यातायात खोला गया। उन्होंने बताया कि मलबे में दबी पोकलैंड मशीन को काफी नुकसान हुआ है।
ककरालीगेट पर यातायात नियंत्रण में पुलिस को करनी पड़ी मशक्कत
टनकपुर (चंपावत)। ककरालीगेट बैरियर पर लगी वाहनों की लंबी कतार से पुलिस को पूर्णागिरि मार्ग का यातायात नियंत्रित करने के लिए खासी मशक्कत करनी पड़ी। टनकपुर-चंपावत मार्ग बंद होने पर पुलिस ने सुरक्षा के मद्देनजर रविवार सुबह आठ बजे तक वाहनों को ककरालीगेट बैरियर पर रोके रखा। इससे बैरियर से लेकर पिथौरागढ़ चुंगी तक चंपावत की ओर जाने वाले वाहनों की लंबी लाइन लगी रही। इसी बीच मां पूर्णागिरि धाम के दर्शन को जा-आ रहे श्रद्धालुओं के वाहनों से यातायात व्यवस्था को तीन घंटे तक नियंत्रित करना पुलिस के लिए चुनौती बना रहा। बता दें कि ककरालीगेट से ही मां पूर्णागिरि धाम के लिए सड़क जाती है। इस पर इन दिनों काफी संख्या में श्रद्धालुओं के वाहनों की दिन-रात आवाजाही बनी हुई है।